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बरसों से छाई चुप्‍पी को Elon Musk की न्‍यूरालिंक ने तोड़ा, द‍िमाग में चिप लगने के बाद मरीज सोच रहा और मशीन बोल रही


विज्ञान 26 March 2026
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बरसों से छाई चुप्‍पी को Elon Musk की न्‍यूरालिंक ने तोड़ा, द‍िमाग में चिप लगने के बाद मरीज सोच रहा और मशीन बोल रही

Kenneth Shock Neuralink Voice Implant: एमयोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS) से पीड़ित एक मरीज केनेथ शॉक ने बताया कि न्यूरालिंक वॉइस इम्प्लांट करवाने के बाद किस तरह उनकी जिंदगी बदल गई। बता दें कि केनेथ जनवरी, 2026 में यह इम्प्लांट लगवाने वाले दूसरे व्यक्ति थे। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में बताया है कि यह सिस्टम कैसे काम करता है। केनेथ जो बोलना चाहते हैं, उसके बारे में सोचते हैं और यह डिवाइस उनकी अपनी आवाज में उन वाक्यों को बोल देता है। ALS की वजह से केनेथ की बोलने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म होती जा रही थी, लेकिन अब न्यूरोलिंक चिप की वजह से फिर से उनकी जीवन में बदलाव हो रहा है।

वीडियो शेयर करके बताया कैसा करता है काम?

केनेथ को इस साल की शुरुआत में Neuralink का N1 इम्प्लांट लगाया गया था। केनेथ द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि Neuralink का सॉफ्टवेयर दिमाग के सिग्नलों से 'फोनीम' (आवाज की सबसे छोटी इकाई) को डिकोड करता है, फिर उन्हें शब्दों में पिरोता है और मरीज की अपनी ही आवाज में उन्हें दोबारा पेश करता है।

दिमाग की सोच को देता है आवाज

टेस्ला के CEO एलन मस्क ने भी इस बारे में अपडेट शेयर की थी। उन्होंने हाल ही में एक्स पर एक पोस्ट करके बताया था कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस न्यूरालिंक अब दिमाग की एक्टिविटी को शब्दों में बदलने की क्षमता रखता है। बता दें कि न्यूरालिंक एक ऐसी तकनीक है, जो दिमाग की 'सोच' को 'आवाज' में बदल सकती है। इसके जरिए जो लोग किसी चोट या बीमारी के चलते अपनी बोलने की क्षमता खो चुके हैं वे अब सिर्फ सोचकर अपनी बात दूसरों को सुना सकेंगे।

एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है डिवाइस

बता दें कि न्यूरालिंक ने एक 'वॉइस क्लिनिकल ट्रायल' शुरू किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि 'ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस' उन लोगों के लिए बातचीत करने की क्षमता कैसे वापस ला सकता है, जो अब बोल नहीं पाते। न्यूरालिंक में BCI एप्लीकेशंस के हेड, निर इवेन चेन ने बताया कि कंपनी का डिवाइस दिमाग के उस हिस्से से न्यूरल एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है, जो बोलने की प्रक्रिया में शामिल होता है।कंपनी ने लिखा कि ALS ने धीरे-धीरे केनेथ की बोलने की क्षमता छीन ली है। Neuralink के VOICE क्लिनिकल ट्रायल के जरिए पता लगाया जा रहा है कि यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उनकी आजादी वापस दिलाने में कैसे मदद कर सकता है। अगर आपको नहीं पता है तो बता दें कि ALS बीमारी मरीज से चलने और बोलने की क्षमता छीन लेती है।

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