बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप लगातार बिगड़ता जा रहा है, पिछले 24 घंटों में नौ और मौतें दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अनुसार, खसरे के पुष्ट मामलों और खसरे से संबंधित लक्षणों से मरने वालों की कुल संख्या अब बढ़कर 424 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में हुई मौतों में से तीन खसरे के पुष्ट मामले थे, जबकि छह बच्चों की मौत खसरे जैसे लक्षणों के साथ हुई। तीनों पुष्ट मौतें ढाका डिवीजन से दर्ज की गई हैं।
इसी अवधि के दौरान देश में खसरा के 87 नए पुष्ट मामले और 1100 से अधिक संदिग्ध मामले दर्ज किए गए। 15 मार्च से बांग्लादेश में खसरा के 7000 से अधिक पुष्ट मामले और 5100 से अधिक संदिग्ध संक्रमण के मामले सामने आए हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च के मध्य से अब तक खसरा के लक्षणों वाले लगभग 37 हजार बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 32 हजार से अधिक बच्चे ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं।
इस महामारी ने बांग्लादेश की टीकाकरण प्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस संकट को टीकाकरण कार्यक्रमों में आई बाधाओं और 2024 और 2025 के दौरान खसरा और रूबेला टीकों की लंबे समय तक चली कमी से जोड़ा है।
सूचना एवं प्रसारण मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. जाहिद उर रहमान ने इस स्थिति को आपदा करार दिया है और संभावित लापरवाही और टीकों की कमी की विश्वसनीय जांच की घोषणा की है।












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