बिजनेस: आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी इंफोसिस को ऑनलाइन असेसमेंट में बढ़ती गड़बड़ियों के कारण अपनी भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा है। कंपनी ने करीब 20,000 जॉब एप्लिकेंट्स के लिए निर्धारित रिक्रूटमेंट असेसमेंट को फिलहाल टाल दिया है। यह परीक्षा पहले 31 मई को आयोजित होने वाली थी। सूत्रों और HR विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन और यहां तक कि इन-पर्सन असेसमेंट के दौरान भी नकल और तकनीकी दुरुपयोग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई मामलों में उम्मीदवारों द्वारा AI टूल्स तक पहुंच बनाने के लिए ईयरपीस जैसे उपकरणों के इस्तेमाल की बात सामने आई है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
इसी स्थिति को देखते हुए इंफोसिस ने अपने स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर और डिजिटल सिस्टम्स इंजीनियर पदों के लिए होने वाले ऑनलाइन हायरिंग एग्जाम और इन-पर्सन इवैल्यूएशन दोनों को स्थगित करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने सभी प्रभावित उम्मीदवारों को इस बदलाव की सूचना दे दी है और कहा है कि नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी। इंफोसिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह फैसला भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। कंपनी ने उम्मीदवारों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए उनके उत्साह और प्रयासों की सराहना की है। बयान में यह भी कहा गया कि इस स्थगन का कंपनी के हायरिंग लक्ष्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और टॉप टैलेंट को पहचानने व उन्हें अवसर देने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
HR विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल असेसमेंट सिस्टम में बढ़ती तकनीकी गड़बड़ियों और AI आधारित चीटिंग के नए तरीकों ने कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती पैदा कर दी है। खासकर रिमोट और ऑनलाइन परीक्षाओं में निगरानी को मजबूत करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले समय में कंपनियों को ऐसे एडवांस्ड प्रॉक्टरिंग सिस्टम अपनाने होंगे जो AI-आधारित धोखाधड़ी को रोक सकें और परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखें। इंफोसिस का यह कदम यह भी दिखाता है कि बड़ी आईटी कंपनियां अब भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। फिलहाल सभी उम्मीदवारों को नई तारीखों का इंतजार करना होगा।















