आज घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों के बीच सतर्कता देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 188 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,966 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 36 अंक यानी 0.15 प्रतिशत फिसलकर 24,436 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, सूचकांकों में गिरावट सीमित रही, जिससे बाजार में बड़े स्तर पर बिकवाली का दबाव नजर नहीं आया।
बाजार की व्यापक तस्वीर पर नजर डालें तो मिडकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी चुनिंदा मध्यम आकार की कंपनियों में बनी रही। इसके विपरीत, स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई। छोटे शेयरों में यह कमजोरी बताती है कि निवेशकों ने कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी और जोखिम लेने में थोड़ी सावधानी बरती।
सत्र के दौरान बाजार का रुख मिश्रित रहा। एक ओर प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही, वहीं व्यापक बाजार में मिडकैप खंड की मजबूती ने कुल तस्वीर को कुछ हद तक संतुलित किया। सेंसेक्स और निफ्टी में सीमित गिरावट यह भी दर्शाती है कि निवेशकों ने बड़े स्तर पर अपनी पोजीशन से बाहर निकलने के बजाय बाजार की दिशा को लेकर इंतजार करना बेहतर समझा।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल निवेशकों का ध्यान प्रमुख सूचकांकों के अगले स्तर और विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन पर बना रहेगा। मामूली गिरावट के बावजूद बाजार में व्यापक स्तर पर स्थिरता दिखाई दी, जबकि मिडकैप शेयरों की बढ़त ने निवेशकों की चयनात्मक खरीदारी को उजागर किया















