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बिजोटिक कमर्शियल बांटेगी 5 फ्री शेयर


व्यापार 14 August 2026
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बिजोटिक कमर्शियल बांटेगी 5 फ्री शेयर

गारमेंट्स और अपैरल कारोबार से जुड़ी स्मॉलकैप कंपनी बिजोटिक कमर्शियल अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। कंपनी ने 5:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि पात्र निवेशकों को प्रत्येक एक शेयर के बदले पांच नए शेयर मुफ्त मिलेंगे। बिजोटिक कमर्शियल ने इस कॉरपोरेट कार्रवाई के लिए सोमवार 17 अगस्त को रिकॉर्ड डेट तय किया है। रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों का नाम कंपनी के शेयरधारकों की सूची में दर्ज होगा, उन्हें बोनस शेयर दिए जाएंगे। शेयर बाजार में लागू टी+1 सेटलमेंट व्यवस्था और सप्ताहांत को देखते हुए शुक्रवार को कंपनी के शेयर खरीदने वाले निवेशक इस बोनस इश्यू के लिए पात्र हो सकते हैं। इस हिसाब से बोनस शेयर का लाभ उठाने के लिए शुक्रवार को शेयर खरीदने का आखिरी अवसर बताया जा रहा है। बिजोटिक कमर्शियल अपने शेयरधारकों को पहली बार बोनस शेयर जारी कर रही है।

कंपनी के 5:1 बोनस अनुपात को उदाहरण से समझें तो रिकॉर्ड डेट पर किसी पात्र निवेशक के पास बिजोटिक कमर्शियल के 10 शेयर हैं तो उसे 50 अतिरिक्त शेयर मुफ्त मिलेंगे। बोनस शेयर मिलने के बाद उसके खाते में कुल शेयरों की संख्या बढ़कर 60 हो जाएगी। हालांकि, बोनस शेयर जारी होने के बाद स्टॉक की बाजार कीमत आमतौर पर उसी अनुपात में समायोजित होती है। इसलिए बोनस शेयर मिलने मात्र से निवेश की कुल बाजार कीमत में तत्काल उसी अनुपात में बढ़ोतरी होना जरूरी नहीं है।


कंपनी ने वर्ष 2023 में शेयर बाजार में कदम रखा था। बिजोटिक कमर्शियल का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 12 जून 2023 को निवेश के लिए खुला था और 15 जून तक उपलब्ध रहा। आईपीओ में कंपनी के शेयर का मूल्य 175 रुपये तय किया गया था। इसके बाद बिजोटिक कमर्शियल के शेयरों की बीएसई पर 180 रुपये के भाव पर लिस्टिंग हुई थी। बिजोटिक कमर्शियल एक अपैरल और टेक्सटाइल कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार रेडीमेड पुरुष परिधानों की मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइनिंग, होलसेल और रिटेल मार्केटिंग से जुड़ा है। कंपनी के शेयरधारिता पैटर्न के अनुसार प्रमोटरों के पास 74.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, सार्वजनिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी 25.02 प्रतिशत है। बोनस शेयर के कारण कंपनी का स्टॉक निवेशकों के बीच चर्चा में है। हालांकि, किसी शेयर में केवल बोनस इश्यू या पिछले रिटर्न को देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, मूल्यांकन और शेयर में उतार-चढ़ाव का अध्ययन करने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।


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