नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 162 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस त्रासदी को लेकर दुनियाभर के नेताओं ने दुख जताते हुए नेपाल और पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता जाहिर की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने त्रासदी को लेकर गहरा दुख जताते हुए यूरोप की ओर से अधिक से अधिक सहायता की बात कही।
अध्यक्ष उर्सुला वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नेपाल और चीन में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई समुदायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है या जो अब भी उनके बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। हम उन बहादुर राहत और बचाव कर्मियों को भी याद कर रहे हैं जो कठिन परिस्थितियों में लोगों की मदद कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नेपाल में प्रभावित इलाकों का नक्शा तैयार करने और ज़मीनी स्तर पर राहत कार्यों में सहायता देने के लिए कोपरनिकस प्रणाली को सक्रिय किया गया है। यूरोपीय संघ जरूरत पड़ने पर और अधिक सहायता देने के लिए भी तैयार है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी पूरी एकजुटता और सहानुभूति है।
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन बाढ़ प्रभावित समुदायों की मदद के लिए राहत सामग्री और कर्मियों को तेजी से जुटा रहे हैं।” नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन ने भी इस आपदा पर गहरा दुख जताते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।
जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति हम गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। वहीं, जो लोग अपने परिवार या करीबी लोगों की खबर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें हम हिम्मत और शक्ति की कामना करते हैं। हम कठिन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य कर रहे नेपाली अधिकारियों और आपदा राहतकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसमें प्रभावित क्षेत्र में मौजूद डच नागरिकों की स्थिति भी शामिल है।”
लिथुआनिया के प्रधानमंत्री मिंडाउगस सिंकेविचियस ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नेपाल और चीन में आई विनाशकारी बाढ़ में हुई जान-माल की हानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उन परिवारों, प्रभावित लोगों और ज़मीन पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी बहादुर टीमों के साथ हैं। मुझे संतोष है कि लिथुआनिया के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री बुद्रिस ने बताया है कि हमारा दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।”
वहीं, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भी नेपाल बाढ़ त्रासदी पर दुख व्यक्त किया। तकाइची ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नेपाल में आई व्यापक बाढ़ के मद्देनजर, मैं नेपाल सरकार और नेपाल की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पांच जापानी नागरिक लापता हैं, जो मेरे लिए गहरी चिंता का विषय है। नेपाल स्थित जापानी दूतावास ने उनसे संपर्क करने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। दूतावास ने उनकी तलाश में सहायता का अनुरोध भी किया है।”
उन्होंने बताया कि जापान के समयानुसार सुबह 3:30 बजे तक मुझे वहां की संचार व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन यदि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद कोई व्यक्ति यह पोस्ट ‘एक्स’ पर देख रहा है और उन लोगों की सुरक्षा के बारे में जानकारी रखता है, तो कृपया नेपाल में जापान के दूतावास को 977-1-4526-680 पर सूचित करें। तकाइची ने कहा मैं अपने देश के नागरिकों, नेपाल की जनता और वहां रह रहे सभी विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। मैं दिल से प्रार्थना करती हूं कि उनकी अनमोल जिंदगियां सुरक्षित रहें।















