23,731 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली गोबर्धन केंद्रीय क्षेत्र योजना आज से प्रभावी हो गई है। यह भारत में संपीड़ित बायोगैस के उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना 2035-36 तक लागू रहेगी और संपीड़ित बायोगैस को भारत के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का एक प्रमुख स्तंभ बनाएगी। इस योजना का उद्देश्य घरेलू संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करना और पूरे देश में एक जीवंत चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने की 6 तारीख को इस योजना को मंजूरी दी थी।
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गोबर्धन केंद्रीय क्षेत्र योजना आज से प्रभावी हो गई है।















