उत्तर बस्तर कांकेर, 01 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने आज मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय कांकेर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लेकर मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर एवं आपातकालीन कक्ष, इंचार्ज रूम, ड्यूटी डॉक्टर कक्ष, ड्रेसिंग कक्ष, प्लास्टर रूम, ओपीडी पंजीयन, सर्जरी ओपीडी, आर्थाे ओपीडी, सीटी स्कैन एवं फिजियोथेरेपी कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा स्टाफ की नियमित रूप से ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए, विशेष रूप से मध्य रात्रि में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को तत्काल एवं यथोचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए शिफ्टवार मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने कहा गया, ताकि मरीजों को उपचार के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर ने फिजियोथेरेपी सेवाओं को शाम के समय भी संचालित करने के निर्देशित किया, ताकि मरीजों को सुविधा के अनुसार उपचार मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ईको मशीन को दो दिवस के भीतर सुधारने तथा आवश्यकता होने पर रिप्लेस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोई भी मशीन खराब होने पर तत्काल उसका सुधार कराया जाए। डॉक्टरों एवं चिकित्सा स्टाफ को निर्धारित वेशभूषा में रहने तथा अनिवार्य रूप से नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, शौचालयों को स्वच्छ रखने और समस्त स्टाफ को अनुशासन में रहकर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ चिकित्सा स्टाफ का व्यवहार ही जिला अस्पताल की छवि बनाता है। मरीज अस्पताल से संतुष्ट और खुश होकर लौटें, यह सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रेफर किए गए मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा रेफरल मरीजों का संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने जिला चिकित्सालय में शिकायत पेटी रखने तथा प्रत्येक पंजीयन रजिस्टर के पास कंप्यूटर की व्यवस्था कर मरीजों का डिजिटल प्रणाली से पंजीयन करने के निर्देश अस्पताल अधीक्षक को दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था को भी दुरूस्त रखने के लिए उनके द्वारा निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान वन मंडलाधिकारी कांकेर श्री शशिगानंदन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. विमल भगत भी मौजूद रहे।















