दुर्ग, 09 सितम्बर 2026
जल जीवन मिशन के अंतर्गत दुर्ग जिले में 09 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इन योजनाओं के माध्यम से नदी के जल को फिल्टर प्लांट में शुद्ध कर 246 ग्रामों के उच्चस्तरीय जलागारों तक पहुंचाते हुए हर घर में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें से 07 समूह जल प्रदाय योजनाओं की निविदा जारी कर कार्य कराया जा रहा है, जबकि अमलेश्वर एवं पथरिया समूह जल प्रदाय योजनाएं शासन स्तर पर निरस्त हो चुकी हैं। पाटन विकासखंड के 17 ग्राम अमलेश्वर समूह योजना में शामिल थे। इनमें अमलेश्वर, मगरघटा, खुड़मुड़ा और भोथली सहित 04 ग्रामों के अमलेश्वर नगर पालिका में सम्मिलित होने के कारण समूह योजना निरस्त हो गई। समूह योजना में शामिल होने के कारण इन ग्रामों की व्यक्तिगत योजनाओं में राइजिंग मेन का प्रावधान नहीं था। कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से प्राप्त जानकारी अनुसार अमलेश्वर समूह योजना में शामिल 08 ग्रामों में उपलब्ध राशि से जल वितरण प्रणाली के ठेकेदार द्वारा भू-जल स्रोत से योजनाओं को जोड़कर कार्य पूर्ण कर लिया गया था। वहीं शेष 05 ग्रामों में राशि की उपलब्धता नहीं होने से योजनाओं को पूर्ण करने में बाधा आ रही थी। जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में माननीय मुख्य सचिव द्वारा ऐसे ग्रामों, जहां जल स्रोत उपलब्ध है लेकिन किसी कारण से योजना पूर्ण नहीं हो सकी है, वहां जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि स्वीकृत करने का सुझाव दिया गया था। इसके परिपालन में कलेक्टर दुर्ग द्वारा डीएमएफ मद से राशि स्वीकृत की गई। स्वीकृत राशि के बाद अमलेश्वर समूह योजना से जुड़े 05 ग्रामोंकृसांकरा, कापसी, कोपेडीह, रूही और अमलीडीह में से रूही एवं कापसी में कार्यादेश जारी कर कार्य कराया जा रहा है। इसी क्रम में 09 सितंबर 2026 को कापसी ग्राम के उच्च स्तरीय जलागार में पानी पहुंचाया गया तथा योजना की टेस्टिंग प्रारंभ कर दी गई है। शेष 03 ग्रामों सांकरा, कोपेडीह एवं अमलीडीह के लिए प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अनुमति प्राप्त कर निविदा प्रक्रिया प्रगतिरत है। प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात जल्द ही कार्यादेश जारी कर इन ग्रामों में भी पेयजल प्रदाय प्रारंभ किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।















