Breaking News

बलराम जयंती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम


शहर 18 September 2026
post

बलराम जयंती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

दुर्ग    छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, भगवान बलराम जयंती को ष्किसान दिवसष् के रूप में मनाते हुए आत्मा योजनांतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, अंजोरा, दुर्ग में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील कृषकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विकास खांडे ने की। उन्होंने कृषकों को संबोधित करते हुए फसल विविधीकरण, कीट प्रबंधन एवं दलहन-तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद के उपयोग तथा कम लागत में उन्नत कृषि द्वारा अधिक उत्पादन प्राप्त करने के वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया ।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री बलराम जी की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. के थापक ने खरीफ फसलों में कीट-व्याधि प्रबंधन, पौध संरक्षण से संबंधित जानकारी तथा वैज्ञानिक डॉ. आर. के. गड़पाइले ने पशुपालन, पशु आहार प्रबंधन एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी उपाय व वैज्ञानिक डॉ. उमेश कुमार पटेल ने मिट्टी परीक्षण का महत्व, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं टिकाऊ खेती के उपाय, वैज्ञानिक डॉ. रोशन साहू ने उद्यानिकी फसलों में कीट व रोग प्रबंधन तथा उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन तकनीक एवं वैज्ञानिक डॉ. निशा शर्मा ने कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन एवं खाद्य प्रसंस्करण की उन्नत विधियां के बारे में कृषकों को जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान कृषकों के साथ खुली परिचर्चा एवं प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजित किया गया। उपस्थित    कृषकों ने फसलों में लगने वाले कीट-व्याधियों जैसे लाल कीड़ा, माहू का प्रकोप, लाल मकड़ी (रेड माइट) की समस्या तथा पशुपालन में गायों के दूध उत्पादन में कमी जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे। वैज्ञानिकों के दल ने प्राकृतिक कीटनाशक, संतुलित पोषण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन के आधार पर कृषकों की सभी शंकाओं व समस्याओं का संतोषजनक समाधान किया।

अंत में वैज्ञानिकों ने किसानों से रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री नेताम, ग्रा.कृ.वि. अधिकारी  सुनील सिंगौर एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक (आत्मा)  आशीष राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने   कृषकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, फसल विविधीकरण, जैविक खाद निर्माण, जीवामृत, घनजीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट, दलहन, तिलहन एवं अन्य कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने से होने वाले संभावित लाभों की विस्तृत जानकारी दी।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.