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इतिहास के पन्नों में 20 सितंबरः तमिल सिनेमा की पहली ड्रीम गर्ल


देश 19 September 2026
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इतिहास के पन्नों में 20 सितंबरः तमिल सिनेमा की पहली ड्रीम गर्ल

तमिल सिनेमा की पहली "स्वप्न सुंदरी" यानी ड्रीम गर्ल के नाम से विख्यात अभिनेत्री टी.आर. राजकुमारी ने 1940 के दशक में अपनी खूबसूरती, बेहतरीन अभिनय, गायन और नृत्यकला से एक लंबे दौर तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा की पहली फीमेल सुपरस्टार माना जाता है। उनका असली नाम तंजावुर रंगानायकी राजयी था। उन्हें प्रसिद्ध निर्देशक के. सुब्रमण्यम ने तलाशा और अपनी फिल्म कच्चा देवयानी (1941) से लॉन्च किया, जिसके बाद उनका नाम 'राजकुमारी' नाम पड़ा। उनकी फिल्म हरिदास (1944) ने उस दौर में इतिहास रच दिया था, जो चेन्नई के एक सिनेमाघर में लगातार 114 सप्ताह तक चली।

दरअसल, 5 मई 1922 को तमिलनाडु के तंजावुर में पैदा हुईं राजकुमारी संगीतकारों के परिवार से ताल्लुक रखती थीं, उनकी मां और दादी दोनों ही संगीतकार थीं और वह भी गायिका बनना चाहती थी। इसी कारण उन्होंने कर्नाटक संगीत में प्रशिक्षण लिया। यहीं से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में जाने का फैसला किया। उनकी पहली फिल्म थी "कुमाला कुलथुनगान", जो साल 1939 में रिलीज हुई, शुरुआत में फिल्मों में उनका राजयी नाम ही इस्तेमाल किया जाता था। इस फिल्म को सफलता नहीं मिल पाई मगर उनकी दूसरी फिल्म कच्छ देवयानी में प्रसिद्ध निर्देशक के. सुब्रमण्यम ने उन्हें मौका दिया और यह जबर्दस्त हिट साबित हुई। इसी के बाद उन्हें 'टीआर राजकुमारी' नाम से पहचान मिली।

1948 में आई उनकी फिल्म चन्द्रलेखा को भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य फिल्मों में गिना जाता है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई। वह केवल अपनी खूबसूरती के लिए बल्कि अपनी बोलती आंखों, शानदार क्लासिकल डांस और कर्नाटक संगीत गायन के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने एमजी रामचंद्रन, शिवाजी गणेशन, एमके त्यागराज जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया। उनके परिवार ने तमिल सिनेमा को 7 अभिनेत्रियां और एक निर्देशक दिया,जिसकी विरासत बाद में उनकी पौत्री ज्योति मीना तक पहुंची। जीवन भर कुंवारी रहीं राजकुमारी ने लंबी बीमारी के बाद 20 सितंबर 1999 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

अन्य अहम घटनाएंः

1995- संयुक्त राज्य महासभा का 50वाँ अधिवेशन प्रारम्भ।

2000- क्लिंटन दम्पत्ति 'व्हाइट वाटर कांड' के आरोपों से मुक्त।

2001- अमेरिका ने 150 लड़ाकू विमान खाड़ी में उतारे।

2003- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर इस्रायल से यासिर अराफ़ात की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

2004- इंडोनेशिया में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान।

2006- ब्रिटेन के रॉयल बॉटैनिक गार्डन्स के वैज्ञानिकों को 200 वर्ष पुराने बीज उगाने में कामयाबी मिली।

-बहरीन में विश्व कन्नड़ संस्कृति सम्मेलन का आयोजन।

-15 वर्ष बाद ब्रूसेल्स में भारत महोत्सव का आयोजन पुन: प्रारम्भ।

2007- फ़्राँस की सबसे वृद्ध महिला सिमोन कैपोन की 113 की अवस्‍था में मृत्‍यु हो गई।

2009- मराठी फ़िल्म 'हरिशचन्द्राची फैक्ट्री' को आस्कर अवार्ड्स की विदेशी फ़िल्म कैटिगरी में भारत की एंट्री के तौर पर चुना गया।

2012- भारत की राजभाषा हिंदी दुनिया में दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। बहुभाषी भारत के हिंदी भाषी राज्यों की आबादी 46 करोड़ से अधिक है।

जन्म

1547- फ़ैज़ी- मध्यकालीन भारत का एक विद्वान् साहित्यकार और फ़ारसी का प्रसिद्ध कवि।

1897- नाना साहब परुलेकर- मराठी पत्रकार।

1911- श्रीराम शर्मा आचार्य- आध्यात्मिक व्यक्तित्व।

1921- अजीत राम वर्मा- पद्मभूषण से सम्मानित भारतीय वैज्ञानिक थे।

1942- राजिंदर गोयल- भारतीय क्रिकेटर, जिन्होंने गेंदबाज़ के रूप में ख़ास पहचान बनाई।

1948 - महेश भट्ट- प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता निर्देशक।

1924- ए. नागेश्वर राव- तेलुगु फ़िल्म अभिनेता और फ़िल्म निर्माता।

1957- अनुपम श्याम- भारतीय फिल्म व टीवी कलाकार थे।

1973- कैलाश चौधरी- भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।

निधन

1927- मोहम्मद बरकतउल्ला- भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे।

1928- नारायण गुरु- भारत के महान संत एवं समाज सुधारक थे।

1933- एनी बेसेंट- भारत में होमरुल लीग की संस्थापिका।

1942- कनकलता बरुआ- भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी।

1999- राजकुमारी- तमिल सिनेमा की स्वप्न सुंदरी नाम से विख्यात अभिनेत्री।

2017- शकीला- हिन्दी सिनेमा में सन 1950-60 की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं।

2009- प्रभा खेतान- हिन्दी भाषा की लब्ध प्रतिष्ठित उपन्यासकार, कवयित्री तथा नारीवादी चिंतक तथा समाज सेविका।

महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

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