चेन्नई में जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालया के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं की वैश्विक क्षमता पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक समुदाय उभरती चुनौतियों के लिए अभिनव समाधान खोजने में सक्रिय रूप से लगा हुआ है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के युवाओं में इन समाधानों को प्रदान करने की प्रतिभा और क्षमता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान युग युवा पीढ़ी का है, जिनके नए विचार और कड़ी मेहनत भारत और व्यापक विश्व के भविष्य को आकार देंगे।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता और तमिल विरासत की शाश्वत ज्ञान परंपरा पर भी बल दिया। उन्होंने प्राचीन तमिल ग्रंथ 'थिरुक्कुरल' की प्रशंसा करते हुए इसे जीवन और आजीवन सीखने के लिए एक आवश्यक मार्गदर्शक बताया और छात्रों को याद दिलाया कि ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ उसे व्यवहार में लाना भी आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से बड़े सपने देखने, अलग सोच रखने और निडर होकर काम करने का आग्रह किया। देश में आज मौजूद "अनंत अवसरों" पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका केंद्रीय है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि आधुनिक नवाचार को अपनी सांस्कृतिक विरासत से मजबूत जुड़ाव के साथ जोड़कर युवा नेता एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं और साथ ही वैश्विक मंच पर पहचान भी हासिल कर सकते हैं।















