सोशल मीडिया पर नाजिया इलाही खान का उज्जैन में पूजा-अर्चना करते हुए एक वीडियो चर्चा में है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है। हालांकि, केवल पूजा करते हुए वीडियो सामने आने से धर्म परिवर्तन की पुष्टि नहीं होती। इस मामले में उनके धर्म परिवर्तन को लेकर किए जा रहे दावे और वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों के बीच अंतर करना जरूरी है। धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना करना अपने आप में किसी व्यक्ति के धर्म बदलने का प्रमाण नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नाजिया इलाही खान ने 10 अक्टूबर 2026 को उज्जैन के रामघाट पर अपने पूर्वजों के लिए तर्पण और पिंडदान किया था। इस दौरान उन्होंने अपनी धार्मिक मान्यताओं और पूर्वजों के प्रति सम्मान को लेकर विचार रखे थे। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि भविष्य में वह सनातन धर्म अपना सकती हैं
हालिया रिपोर्टों में नाजिया ने उत्तर प्रदेश के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को पिता समान बताते हुए उनके समर्थन का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि विधायक उनके साथ खड़े हैं और गोत्र देने के लिए तैयार हैं। इस बयान के बाद उनके संभावित धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं
फिलहाल इस घटनाक्रम का मुख्य पहलू नाजिया इलाही खान की व्यक्तिगत आस्था और उनके सार्वजनिक बयान हैं। उनके द्वारा सनातन धर्म अपनाने की घोषणा किए जाने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन धर्म परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों को पुष्ट तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है।















