सर्दियों का मौसम आते ही बाजारों में गाजर और चुकंदर की भरमार दिखाई देती है। इनका उपयोग सलाद, सब्जी और जूस के रूप में खूब किया जाता है। वैसे तो गाजर और चुकंदर का रस अलग-अलग पीना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन यदि इन्हें मिलाकर जूस तैयार किया जाए तो यह सेहत के लिए और भी अधिक लाभकारी साबित हो सकता है।
आयुर्वेद में गाजर और चुकंदर के इस मिश्रण को ऊर्जा देने वाला और शरीर को पुष्ट करने वाला पेय माना गया है। यह रस न केवल अपने गहरे रंग के कारण आकर्षक लगता है, बल्कि स्वाद और पोषण से भी भरपूर होता है। यदि इसे नियमित रूप से संतुलित मात्रा में पिया जाए, तो शरीर को दोगुना पोषण मिल सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार यह संयोजन रक्त धातु को मजबूत करता है, पित्त को संतुलित रखने में मदद करता है और शरीर में ओज (ऊर्जा) बढ़ाता है। आधुनिक विज्ञान भी इसे प्राकृतिक ‘ब्लड बूस्टर ड्रिंक’ मानता है। इसमें बीटा-कैरोटीन, एंटीऑक्सिडेंट, नाइट्रेट, फोलेट और आयरन-सहायक तत्व पाए जाते हैं, जो रक्त संचार बेहतर करने और शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक होते हैं।
गाजर और चुकंदर का रस लिवर के डिटॉक्स में भी मददगार माना जाता है। यह लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है और शरीर में पित्त संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है। इसके अलावा, यह त्वचा, आंखों और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। गाजर में मौजूद तत्व शरीर में विटामिन ए के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं, जो आंखों और त्वचा के लिए जरूरी है। वहीं चुकंदर के एंटीऑक्सिडेंट्स फ्री-रैडिकल से होने वाले नुकसान को कम कर त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं। यह जूस शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में भी मदद करता है।
हालांकि, इसके सेवन से पहले कुछ सावधानियां जरूरी हैं। मधुमेह से पीड़ित लोगों को इसका सेवन सावधानी से या डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए, क्योंकि यह रक्त शर्करा स्तर बढ़ा सकता है। जिन लोगों को पथरी की समस्या है, उन्हें भी इससे बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्तियों को भी इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह के बाद ही करना उचित है।
सही मात्रा और उचित सलाह के साथ लिया गया गाजर-चुकंदर का रस सर्दियों में शरीर के लिए एक पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला पेय साबित हो सकता है।










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