धमतरी, 11 मई । आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों की समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ किसान यूनियन जिला धमतरी के सदस्य सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर रोक और सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई।
किसान यूनियन पदाधिकारियों ने अपर कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर कहा कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष घनाराम साहू ने बताया कि जिले के किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं, लेकिन सहकारी समितियों में खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से किसान खुले बाजार से महंगे दामों पर सामग्री खरीदने को मजबूर हैं। बाजार में नकली खाद और नकली बीज की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। यूनियन ने मांग की कि प्रशासन तत्काल जांच अभियान चलाकर कालाबाजारी और नकली खाद-बीज बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व वर्षों में किसानों को किसान राइस मिलों के माध्यम से सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराया जाता था, जिससे किसानों को काफी राहत मिलती थी। वर्तमान में कई किसान व्यवसायिक बैंकों से ऋण लेने के कारण सोसायटी से खाद लेने में वंचित रह जाते हैं और उन्हें मजबूरी में निजी दुकानों से ऊंचे दामों पर खाद खरीदना पड़ता है। यूनियन ने मांग की कि पहले की तरह किसान राइस मिलों में भी खाद वितरण की व्यवस्था फिर से शुरू की जाए। ज्ञापन में बरसात पूर्व नहरों और बांधों की मरम्मत कराने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने तथा गांवों और वार्डों में पानी भराव की समस्या रोकने के लिए आवश्यक कार्य जल्द शुरू करने की मांग भी शामिल रही। किसानों ने कहा कि हर वर्ष बारिश में जलभराव और सिंचाई अव्यवस्था के कारण फसलों को नुकसान होता है।
इस दौरान महिपाल साहू, पूरनलाल, पवन साहू, जीवेंद्र कुमार, भुवन लाल, रज्जू साहेब, अमरीश यादव, ज्ञानीराम, जितेंद्र कुमार, दीनदयाल, ज्ञानीराम, सुदर्शन, मनहरण साहू, रामनिहोरा निषाद सहित किसान यूनियन के कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
एक बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी की सीमा पर्याप्त नहीं:
किसानों ने यूरिया और डीएपी वितरण की वर्तमान सीमा पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि प्रति ए-35 पर एक बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी की सीमा पर्याप्त नहीं है। साथ ही गोबर कम्पोस्ट खाद की अनिवार्यता के बावजूद कई स्थानों पर कम्पोस्ट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। यूनियन ने कम्पोस्ट खाद की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
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