रायपुर 15 मई । भारत सरकार भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेन्द्र भूषण ने आज शुक्रवार काे मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील से सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान जलग्रहण प्रबंधन पीएम कृषि सिंचाई, छत्तीसगढ़ भुईयां, पंजीयन एवं स्टाम्प ई-कोर्ट सहित छत्तीसगढ़ में सुशासन के लिए किये जा रहे नवाचारों के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसी प्रकार से भूषण ने छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर पंजीयन एवं स्टांप और छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के अधिकारियों का बैठक लेकर विभागीय कार्यकलापों एवं प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की कम्प्यूटराईजेशन किया गया है। भूमि रिकार्ड के लिए मॉडर्न रिकार्ड रूम बनाये गये हैं। भू-नक्शों की भी डिजिटलाईजेशन किया गया है। रेवेन्यू ई-कोर्ट के जरिये राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। भुईयां पोर्टल पर डिजीटल किसान किताब अपडेट की गई है। कोई भी भूमि स्वामी भुईयां पोर्टल पर अपनी भूमि की जानकारी डाउनलोड कर सकता है। इसी प्रकार से ऑनलाईन भूमि का ऑटो डायवर्सन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक अपनाकर दस्तावेजों की रजिस्ट्री ई-पंजीयन द्वारा की जा रही हैं। रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान एवं पारदर्शी और पेपरलेस की गई है। अब दस्तावेजों को ऑनलाईन उप पंजीयक को ऑनलाईन प्रस्तुत किया जा रहा है। व्हाट्सएप अलर्टस के माधयम से क्रेता-विक्रेता का अपॉइंटमेंट से लेकर रजिस्ट्री होने तक के सभी अपडेट्स प्राप्त हो जाते हैं। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से डाउनलोड की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन ऐजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलग्रहण क्षेत्र विकास घटक के तहत वर्ष 2021-22 में कुल 45 परियोजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसमें कुल 27 जिलों के 43 विकासखंड में 387 माइक्रो वाटरशेड शामिल है, जिसका उपचारित क्षेत्रफल 2.50 लाख हेक्टेयर तथा लागत रू. 613.66 करोड़ है। परियोजना का केंद्रांश एवं राज्यांश का अनुपात 60ः40 है। परियोजनाओं की अवधि वर्ष 2021-22 से प्रारंभ होकर 2025-26 अर्थात् 5 वर्ष है। भारत सरकार द्वारा दिनांक 28 अप्रैल 2026 को केंद्रांश राशि रू. 30 करोड़ 14 लाख जारी कर परियोजना अवधि को 30 सितंबर 2026 तक वृद्धि की गई है।
बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव भुवनेश यादव, संयुक्त सचिव भारत सरकार भूमि संसाधन विभाग नितिन खाडे, संचालक भूमि संसाधन भारत सरकार श्याम कुमार सहित छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पंजीयन एव स्टाम्प, छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन ऐजेन्सी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये।
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