बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अत्यंत दुर्गम और अंदरूनी क्षेत्र नूगुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुँचकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराईं। कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में आयोजित यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग शिविर ने दूरस्थ गाँवों में स्वास्थ्य जागरूकता की नई उम्मीद जगाई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नूगुर, हिंगमेटा और हुर्रागवाली गाँवों में शिविर लगाकर कुल 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क दी गईं और गंभीर मरीजों को आगे के उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में जाने की सलाह दी गई।
इंद्रावती नदी पार कर पहुँचीं स्वास्थ्य सेवाएँ’ उप स्वास्थ्य केंद्र, नूगुर विकासखंड मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ पहुँचने के लिए स्वास्थ्य टीम को करीब 2 किलोमीटर चौड़ी इंद्रावती नदी को पार करना पड़ता है। लंबे समय तक यह इलाका नक्सल प्रभाव और दुर्गम परिस्थितियों के कारण सरकारी योजनाओं की पहुँच से दूर रहा, लेकिन अब शासन की योजनाएँ धीरे-धीरे इन गाँवों तक पहुँच रही हैं। स्वास्थ्य टीम ने कठिन रास्तों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद ग्रामीणों तक पहुँचकर यह साबित कर दिया है कि शासन की स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार ईमानदार प्रयास किए जा रहे हैं।
’स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ा ग्रामीणों का भरोसा’ स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्रामीण स्वास्थ्य जाँच और बच्चों के टीकाकरण से बचते थे, लेकिन अब जमीनी स्तर पर स्थिति बदल रही है। ग्रामीण अब स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे हैं और बच्चों का नियमित टीकाकरण भी करवा रहे हैं। इससे गाँवों में स्वास्थ्य के प्रति न केवल जागरूकता बढ़ी है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
शिविरों में हुआ व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण’ स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तीन प्रमुख गाँवों में कुल 642 ग्रामीणों की जाँच की गई, जिसका विवरण इस प्रकार है। ग्राम नूगुर (कुल 207 मरीज) इसमें 75 एनसीडी स्क्रीनिंग, 03 बुखार, 05 खुजली, 01 गर्भवती महिला की जाँच तथा अन्य 123 मरीजों का सामान्य परीक्षण शामिल है। ग्राम हिंगमेटा (कुल 125 मरीज) यहाँ 42 एनसीडी स्क्रीनिंग, 02 खुजली सहित 81 अन्य मरीजों की जाँच की गई। ग्राम हुर्रागवाली (कुल 310 मरीज) इस शिविर में 115 एनसीडी स्क्रीनिंग, 05 बुखार, 03 खुजली और 187 अन्य मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। ’शासन की योजनाएँ पहुँच रहीं अंतिम छोर तक’ स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास, स्वास्थ्य चेतना और एक बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगा रहा है। इन दुर्गम इलाकों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचने से अब स्थानीय ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है।
Breaking News
- भिलाई 3 में हत्या, एक दिन पहले मृतक पहुंचा था थाने लेकिन नहीं सुनी पुलिस ने
- अफ्रीका के कुछ हिस्सों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन IV स्थगित किया गया।
- ईरानी सांसद की धमकी, 'अगर हमला हुआ तो काट देंगे समुद्र के नीचे मौजूद इंटरनेट केबल'
- छत्तीसगढ़ में आधुनिक तकनीकों से बदल रही मछुआरों की तकदीर : मंत्री नेताम
- आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना से परेशान पेटी ठेकेदार ने किया आत्महत्या का प्रयास
- संयुक्त अरब अमीरात की तेल कंपनी का कहना है कि 2027 की पहली छमाही तक होर्मुज नदी से पूर्ण प्रवाह नहीं होगा।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि ट्रेन में आग लगने की घटनाओं में असामाजिक तत्वों का हाथ है।
- विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए यात्रियों के चयन के लिए ड्रा आयोजित किया
- नेपाल में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को सदन में बुलाने की मांग
- डीआरआई ने 120 करोड़ मूल्य की तीन लाख ई-सिगरेट/वेप्स जब्त कीं
इंद्रावती पार कर पहुँची स्वास्थ्य टीम 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य किया परीक्षण














