कोरबा
। कलेक्टर
कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में कोरबा जिले में व्यापक रूप से संचालित किये जा रहे
”ज्ञानभारतम“ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत ऐतिहासिक महत्व की
प्राचीन पाण्डुलिपियों को बचाने और डिजिटल संरक्षण करने खोज जारी है।
इस
कड़ी में ”ज्ञानभारतम“
राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह द्वारा
विगत दिवस पोड़ीउपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम तुमान में सर्वेक्षण के दौरान ब्रिटिश कालीन
दस्तावेजों को खोज निकाला गया।
जिला
समन्वयक सतीश
प्रकाश सिंह ने बताया कि ग्राम तुमान के निवासी बुजुर्ग बिधून दास महंत के नाती ने
सर्वेक्षण के दौरान उन्हें यह ब्रिटिश कालीन दस्तावेज उपलब्ध कराया। देश की आज़ादी
के पहले के इस पुराने दस्तावेज का अवलोकन करने पर पाया गया कि एक रूपये मूल्य के
स्टाम्प में ब्रिटेन के तत्कालीन राजा की तस्वीर छपी हुई हैं। यह हस्तलिखित
दस्तावेज 80 साल
पुराना हैं, जिसकी
स्याही बहुत धुंधली हो चुकी हैं तथा कागज़ बहुत जीर्ण-शीर्ण हालात में हैं।
दस्तावेज
का अवलोकन करने के उपरांत ”ज्ञानभारतम् मिशन“ के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने बिधून दास महंत के परिजनों
को तथा उपस्थित ग्रामवासियों को पुराने दस्तावेजों को संभाल कर सुरक्षित रखने की
सलाह दी।
इस
अवसर पर जिला समन्वयक सतीश
प्रकाश सिंह ने जिले में संचालित किये जा रहे ”ज्ञानभारतम“ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि
सर्वेक्षण अभियान के महत्व और उद्देश्यों को बताया तथा अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक हस्तलिखित
पाण्डुलिपियों को जो कागज़, ताड़पत्र, भोजपत्र में किसी भी लिपि
में हाथ से लिखा गया हो एवं जो पाण्डुलिपि सूचीबद्ध नहीं हुई हैं, उसे ”ज्ञानभारतम् एप“ के
माध्यम से पंजीकृत कर उसका फोटो अपलोड करके डिजिटल संरक्षण करने को कहा।
जिला
समन्वयक सतीश
प्रकाश सिंह ने उपस्थित सभी ग्रामवासियों को प्राचीन पाण्डुलिपियों को नष्ट होने
से बचाने तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ी
तक पहुंचाने के लिए उनके स्वयं के मोबाइल में ”ज्ञानभारतम् एप“ डाऊनलोड करके एप के माध्यम से
प्राचीन पाण्डुलिपियों का फोटो अपलोड करने के बारे में जानकारी दी।















