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दुर्ग: चावल पापड़ उद्योग से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती हुई ग्रामीण महिलाएं


शहर 23 June 2026
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दुर्ग: चावल पापड़ उद्योग से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती हुई ग्रामीण महिलाएं

दुर्ग, 23 जून 2026

जिले के ग्राम पंचायत ननकट्ठी की श्रीमती विद्यावती चौधरी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि गांव की अनेक महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया। आराध्या स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष एवं एफएलसीआरपी के रूप में कार्यरत विद्यावती चौधरी ने समूह की बचत एवं ऋण राशि का उपयोग करते हुए चावल पापड़ निर्माण और सिलाई केंद्र की शुरुआत की। प्रारंभ में यह कार्य छोटे स्तर पर शुरू हुआ, जहां समूह की महिलाएं घर-आंगन में मिलकर पापड़ तैयार करती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद महिलाओं ने मेहनत, लगन और गुणवत्ता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।
प्रतिदिन महिलाएं एकत्रित होकर चावल पापड़ तैयार करती हैं। सामूहिक श्रम और बेहतर गुणवत्ता के कारण उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती गई। धीरे-धीरे उनका छोटा प्रयास एक सफल उद्यम में बदल गया। आज समूह द्वारा तैयार किए गए पापड़ स्थानीय बाजारों में अपनी पहचान बना चुके हैं और प्रतिमाह हजारों रुपये का कारोबार हो रहा है। इस उद्यम ने समूह की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। नियमित आय मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों की पूर्ति अब अधिक आसानी से हो रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हुई हैं। विद्यावती चौधरी की सफलता केवल आर्थिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे सामूहिक प्रयासों से बड़े बदलाव ला सकती हैं। आज ननकट्ठी की महिलाएं अपने उत्पादों के साथ गर्व से खड़ी हैं और गांव में महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बन चुकी हैं। ग्राम ननकट्ठी की स्व सहायता समूह, सामूहिक मेहनत और बिहान के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर लखपति दीदी बनने का सपना साकार कर रही हैं।

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