जम्मू-कश्मीर के परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने जम्मू से सोमनाथ के लिए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी इच्छा पूरी हो रही है।
यात्री गीता देवी ने कहा, “मैं पहली बार दर्शन करने जा रही हूं। कभी सोचा नहीं था कि सोमनाथ की यात्रा करूंगी। इसके लिए पहले से कोई तैयारी भी नहीं की थी। बेटे ने सिर्फ फॉर्म भर दिया था।” वहीं, वेद प्रकाश शर्मा ने कहा, “पहली बार सरकार सोमनाथ यात्रा का प्रबंध किया है, जो बहुत ही अच्छा है। पहले कभी सोच ही नहीं सकते थे कि इतनी दूर दर्शन करने जाएंगे।”
जनक सिंह ने कहा, “मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि सोमनाथ यात्रा पर जाएंगे, लेकिन सरकार की वजह से यह संभव हो पाया है। सरकार ने यात्रा के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की है। सरकार को चाहिए कि दूसरे भी ज्योतिर्लिंग का दर्शन कराएं।”
वरिष्ठ नागरिक नीलम रानी ने कहा, “मन में बहुत खुशी है, हमने कभी सोचना नहीं था कि सोमनाथ की यात्रा पर जाएंगे। भगवान ने बुलाया है, तो हम जा रहे हैं। सरकार की ओर से व्यवस्था करने के कारण हम दर्शन करने जा रहे हैं। सरकार को इस तरह के आयोजन और करने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग दर्शन कर सकें। सभी लोगों को तीर्थ स्थानों पर जाना चाहिए और सनातन धर्म को बढ़ावा देना चाहिए।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर सरकार के संस्कृति विभाग के तहत ‘जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी’ ने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026’ में भाग लेने के लिए जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों से आवेदन आमंत्रित किए थे। छह दिन की यह यात्रा आज से शुरू हो गई है। पहली बार आयोजित की जा रही इस तीर्थयात्रा का मकसद जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ मंदिर की यात्रा को आसान बनाना है। इस साल, सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के यात्रियों के लिए 140 सीटें तय की हैं।















