बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ, भारतीय जहाज पुनर्चक्रण कारखानों को यूरोपीय संघ के जहाज पुनर्चक्रण विनियमन के अंतर्गत शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए काम कर रहे हैं। पर्यावरण, जल स्थिरता और प्रतिस्पर्धी चक्रीय अर्थव्यवस्था के लिए यूरोपीय आयुक्त जेसिका रोसवाल के साथ हुई बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्री सोनोवाल ने बताया कि दोनों पक्षों ने सुचारू समन्वय के लिए एक रोडमैप पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि उन्होंने सतत वैश्विक मानकों और व्यापक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। हरित समुद्री प्रथाओं में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि देश वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा जहाज पुनर्चक्रण करने वाला राष्ट्र है। उन्होंने आगे कहा कि जहाज निर्माण और जहाज पुनर्चक्रण के लिए आठ अरब डॉलर की वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ, भारत का लक्ष्य अगले दशक में लगभग 16 हजार जहाजों का पुनर्चक्रण करना है।















