नई दिल्ली, 06 जुलाई । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने साकेत वन क्षेत्र में कथित अतिक्रमण से संबंधित आवेदन की सुनवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को दिल्ली उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालय में लंबित संबंधित मामलों का पूरा विवरण एवं समर्थनकारी दस्तावेज चार सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि
सुनवाई के दौरान डीडीए की ओर से निदेशक (भूमि प्रबंधन)-I अजय कादियान वर्चुअली उपस्थित हुए और अधिकरण को आश्वासन दिया कि भविष्य में डीडीए की ओर से उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा तथा समय पर जवाब दाखिल किए जाएंगे।
डीडीए के अधिवक्ता ने अधिकरण को बताया कि संबंधित मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में 8 अक्टूबर 2026 तथा जिला न्यायालय में 16 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध है। इस पर अधिकरण ने दोनों मामलों का विस्तृत विवरण एवं संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अधिकरण ने अजय कादियान की भविष्य की वर्चुअल उपस्थिति से छूट प्रदान करते हुए मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 निर्धारित की है।
उल्लेखनीय है कि साकेत में लगभग छह एकड़ के वन क्षेत्र पर 500 से अधिक झुग्गियों के कब्जा करने की खबर का एनजीटी ने संज्ञान लेते हुए डीडीए से जवाब मांगा था। इस कब्जे वाली जमीन पर कचरा जलाने की घटनाओं की भी शिकायत है। एनजीटी ने 25 जून के अपने आदेश में एजेंसियों को नोटिस जारी कर की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी थी।
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