इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को इजरायल का “दमदार और मजबूत दोस्त” बताते हुए कहा कि 140 करोड़ आबादी वाले भारत से उन्हें जबरदस्त समर्थन मिलता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के एक बयान पर असहमति जताते हुए नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल के बहुत बड़े मित्र हैं, लेकिन दुनिया में इजरायल के कई अन्य मजबूत सहयोगी भी हैं, जिनमें से एक भारत है।
फॉक्स न्यूज को दिए गए एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा, “हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत। 140 करोड़ आबादी वाले इस देश से हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है।”
उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भारतीय उपयोगकर्ताओं द्वारा दिए जा रहे भारी समर्थन का भी जिक्र किया।
“कई देश निजी तौर पर समर्थन करते हैं”
नेतन्याहू ने कहा कि भारत के अलावा कई अन्य देशों के नेता भी निजी रूप से इजरायल का समर्थन करते हैं और रक्षा, साइबर सुरक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा रखते हैं।
उन्होंने ट्रंप को व्हाइट हाउस में इजरायल का सबसे बड़ा मित्र बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि हर मुद्दे पर उनकी और जेडी वेंस की राय एक जैसी होना जरूरी नहीं है।
ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी और ट्रंप की सोच लगभग एक समान है। उन्होंने दोहराया कि उनके प्रधानमंत्री रहते ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा, चाहे अमेरिका-ईरान के बीच कोई परमाणु समझौता हो या न हो।
वेंस का बयान क्या था?
पिछले महीने जेडी वेंस ने कहा था कि “डोनाल्ड ट्रंप ही इस समय दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं, जो इजरायल के प्रति सहानुभूति रखते हैं।” उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वह इजरायली सरकार का हिस्सा होते तो अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी की आलोचना नहीं करते।
नेतन्याहू ने इसी बयान का जवाब देते हुए भारत का उदाहरण दिया और कहा कि इजरायल को कई मजबूत दोस्तों का समर्थन प्राप्त है। यह बयान इजरायल-भारत के बीच गहरे रणनीतिक संबंधों को फिर से रेखांकित करता है, खासकर रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को।















