मियामी, 19 जुलाई । फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड से 6-4 की हार के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने कहा कि टीम अपने विदाई ले रहे मुख्य कोच डिडिएर डेशां को जीत के साथ विदाई देना चाहती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी टीम पहले हाफ में पूरी तरह बिखर गई थी, लेकिन दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने फिर विश्व स्तरीय प्रदर्शन किया।
मियामी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले हाफ में 4-0 की बढ़त बना ली थी। डेक्लान राइस, एजरी कॉन्सा और बुकायो साका (दो गोल) ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। विश्व कप इतिहास में यह पहला अवसर था जब फ्रांस ने किसी एक हाफ में चार गोल खाए।
मैच के बाद एम्बाप्पे ने कहा, "मैच के दो बिल्कुल अलग-अलग हिस्से थे। पहले हाफ को देखकर मैं समझ सकता हूं कि कुछ लोगों को लगा होगा कि हमने खुद को हास्यास्पद बना लिया और फ्रांस की जर्सी का सम्मान नहीं किया। लेकिन मैं कहूंगा कि हम इंसान हैं, हालांकि इस स्तर पर हमें ऐसी गलती की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। हम पूरी तरह हिल गए थे और इंग्लैंड ने हमें झकझोर कर रख दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "दूसरे हाफ में हम फिर वही शीर्ष स्तर के खिलाड़ी बन गए, मानसिक रूप से मजबूत और पूरी तरह तैयार। दुर्भाग्य से हम मैच नहीं जीत सके और इसका सबसे ज्यादा दुख हमारे कोच डिडिएर डेशां के लिए है। हम उनके लिए कुछ खास करना चाहते थे। पहले हाफ को देखकर ऐसा लगा जैसे हमने उन्हें निराश किया, लेकिन हम कभी भी उन्हें ऐसा महसूस नहीं कराना चाहते थे। हालांकि मुझे पूरा विश्वास है कि यह एक मैच डिडिएर डेशां की महान विरासत को कभी धूमिल नहीं करेगा।"
चार गोल से पिछड़ने के बाद फ्रांस ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की। एम्बाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल कर स्कोर 4-3 कर दिया।
एम्बाप्पे के इन दो गोलों के साथ वह फीफा विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक 22 गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया। हालांकि 87वें मिनट में बुकायो साका ने पेनल्टी पर अपना हैट्रिक पूरा कर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए एक और गोल किया, लेकिन स्टॉपेज टाइम में जूद बेलिंगहैम ने गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की जीत सुनिश्चित कर दी।
यह मुकाबला फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशां का आखिरी मैच भी था। उन्होंने 2012 में टीम की कमान संभाली थी और उनके नेतृत्व में फ्रांस ने 2018 फीफा विश्व कप का खिताब जीता, 2022 में फाइनल खेला और 2026 विश्व कप में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के साथ उनके 14 वर्षों के सफल कार्यकाल का समापन हो गया।
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