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दुर्ग अस्पताल जिले में ₹4.85 करोड़ की लागत से प्रयोगशाला प्रयोगशाला


शहर 31 July 2026
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दुर्ग अस्पताल जिले में ₹4.85 करोड़ की लागत से प्रयोगशाला प्रयोगशाला

जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अस्पतालों और उनके अस्पतालों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आज जिला डिस्ट्रिक्ट दुर्ग कॉम्प्लेक्स में सर्जिकल विंग प्रथम तल (फेस-2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस प्रोजेक्ट की लागत 4 करोड़ 85 लाख 43 हजार रुपये है। कार्यक्रम में नगर निगम निगम शर्मा श्याम, छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष साहूकार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, सिविल इंजीनियर डॉ. आशीष मिंज सहित अन्य वृद्ध चिकित्सक, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन सिंगापुर ए.के. आचार्य भट्ट एवं अन्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

7 आधुनिक पेइंग रूम और मित्र मित्र

भूमिपूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम को आयोजित करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने किसानों के भवन में 7 पेइंग रूम बनाए रखे, जहां उन्होंने निजी अस्पताल में अपने नए बंगले की तलाश की। इसके अलावा दो वेटिंग हॉल, सेंट्रल विजुअल एयर कंडीशनिंग, टीवी सहित आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पेइंग वार्ड में जिला अस्पताल में नहीं रहने के कारण मरीज को परेशानी हुई। अब स्कूल के बाद यदि कोई परिवार जच्चा-बच्चा को वकीलों की निगरानी में सुरक्षित वातावरण में रखना चाहता है, तो उसे अलग से पेइंग रूम की सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री श्री यादव ने बताया कि करीब 15 साल पहले जिले में पेइंग वार्ड अस्पताल संचालित होता था, जहां शहर के कई परिवार अपने मरीजों और प्रसूताओं को भर्ती करते थे। उस समय अलग-अलग रसोई और अन्य विशेष सामान भी उपलब्ध थे। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में हॉस्पिटल और डिलीवरी वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पेइंग वार्ड की सुविधा खत्म हो गई है। सरकार बनने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से इस सुविधा को फिर से शुरू करने की मांग की थी, जिसे अब बदल दिया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि नये पेइंग वार्ड में बच्चों को होटल जैसी सुविधा उपलब्ध करायी जाये. इससे अस्पताल परिसर में ही शिक्षकों की देखरेख में सुरक्षित रेह फ़ार्म और इमारतों की भी बेहतर व्यवस्था की गई। उन्होंने जल्द ही अस्पताल में अलग-अलग एमआरआई सेंटर और सीट स्कैन सेंटर की स्थापना की।

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