सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस संदेश का खंडन किया है जिसमें दावा किया गया था कि इंडिया पोस्ट 'डाक सेवा उपहार' के तहत उपहार और पुरस्कार दे रहा है। प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया है कि इंडिया पोस्ट का किसी भी प्रकार के 'डाक सेवा उपहार' ऑफर, पुरस्कार योजना या लकी ड्रॉ से कोई संबंध नहीं है। यूनिट ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक या वेबपेज पर क्लिक न करें और बैंक विवरण, ओटीपी या आधार नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी कभी भी साझा न करें। इसने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी संदिग्ध जानकारी को सरकार ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक भ्रामक संदेश का खंडन करते हुए नागरिकों को सावधान किया है। इस संदेश में दावा किया जा रहा था कि इंडिया पोस्ट की ओर से ‘डाक सेवा उपहार’ नामक किसी योजना के तहत लोगों को उपहार, पुरस्कार या लकी ड्रॉ का लाभ दिया जा रहा है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। यूनिट ने स्पष्ट किया है कि इंडिया पोस्ट का ‘डाक सेवा उपहार’ नाम से चल रहे किसी भी प्रकार के ऑफर, पुरस्कार योजना या लकी ड्रॉ से कोई संबंध नहीं है। ऐसे संदेशों के माध्यम से साइबर अपराधी लोगों को आकर्षक इनाम या उपहार का लालच देकर संदिग्ध वेबसाइटों और लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इसके बाद उनसे व्यक्तिगत अथवा वित्तीय जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है, जिसका दुरुपयोग धोखाधड़ी और साइबर अपराधों में किया जा सकता है। पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप या अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त किसी भी ऐसे संदेश पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें, जिसमें पुरस्कार, नकद इनाम, उपहार या लकी ड्रॉ जीतने का दावा किया गया हो। नागरिकों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या वेबपेज पर क्लिक न करें और वहां मांगी गई जानकारी को भरने से बचें। बैंक खाते से संबंधित विवरण, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी, आधार नंबर तथा अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी सरकारी विभाग या संस्था के नाम का इस्तेमाल करके भेजा गया प्रत्येक संदेश वास्तविक नहीं होता, इसलिए उसकी प्रामाणिकता की जांच करना आवश्यक है। नागरिकों को केंद्र सरकार से संबंधित किसी भी संदिग्ध सूचना, दावे या संदेश को आगे साझा करने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की पुष्टि करनी चाहिए। आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों और विश्वसनीय सरकारी सोशल मीडिया माध्यमों से प्राप्त जानकारी को ही प्राथमिकता देना उचित है। किसी संदेश में यदि तत्काल कार्रवाई करने, पुरस्कार प्राप्त करने या व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा हो, तो उसे विशेष रूप से संदेह की दृष्टि से देखना चाहिए। डिजिटल युग में जागरूकता और सावधानी साइबर धोखाधड़ी से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए नागरिकों को ऐसे फर्जी संदेशों से सतर्क रहना चाहिए और दूसरों को भी इनके प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि ऑनलाइन ठगी और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग की घटनाओं को रोका जा सके।
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सरकार ने इंडिया पोस्ट से जुड़े फर्जी 'डाक सेवा उपहार' ऑफर का खंडन किया।















