प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से प्रेरित होकर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने मंगलवार को कनॉट प्लेस स्थित जनपथ सबवे आर्ट गैलरी में एक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
सबवे आर्ट गैलरी में आयोजित हर घर तिरंगा 2026 आर्ट एग्जीबिशन एंड लाइव पेंटिंग वर्कशॉप का आयोजन एनडीएमसी ने नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप के सहयोग से किया है।
दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद चहल ने कहा कि भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह 10 दिवसीय कला प्रदर्शनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘हर घर तिरंगा अभियान’ से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल देश का राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि सामूहिक गौरव, आकांक्षाओं और एकता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने नागरिकों के मन में तिरंगे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत किया है।
चहल ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से एनडीएमसी कलाकारों को रंगों और रचनात्मकता के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मंच दे रहा है और लोगों तक इसे एक अनूठे तरीके से पहुंचा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय गौरव और जनभागीदारी भी शामिल है।
चहल ने बताया कि प्रदर्शनी में 10 प्रमुख कलाकारों की 50 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। इनका विषय तिरंगे के रंगों, भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता आंदोलन, एकता, विविधता और देशभक्ति की भावना पर आधारित है।
‘आर्ट एक्सप्रेशन पैट्रियटिज्म’ थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी दर्शकों को तिरंगे के माध्यम से एक अनूठा कलात्मक अनुभव प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि कलाकारों ने अपनी पेंटिंग और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के जरिए राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े भावनात्मक संदेश और आत्मविश्वास से भरे, जीवंत तथा एकजुट भारत की भावना को प्रस्तुत किया है।
चहल के अनुसार, यह पहल सार्वजनिक स्थानों पर कला और संस्कृति को बढ़ावा देने तथा आम लोगों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों को सुलभ बनाने के लिए एनडीएमसी के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘लाइव पेंटिंग वर्कशॉप’ है, जिसमें कलाकार केवल तिरंगे के रंगों—केसरिया, सफेद, हरा और अशोक चक्र के नीले रंग—का इस्तेमाल करके देशभक्ति से जुड़ी पेंटिंग बनाएंगे। इसे एकता, स्वतंत्रता और भारत की सामूहिक भावना की कलात्मक अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
चहल ने कहा कि इस पहल ने कनॉट प्लेस के एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान को जीवंत सांस्कृतिक केंद्र में बदल दिया है। इससे युवा, परिवार, कला प्रेमी और पर्यटक रचनात्मकता के माध्यम से हर घर में तिरंगा फहराने के उत्सव से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
युवा कलाकारों से बातचीत के दौरान चहल ने उन्हें विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत के रचनात्मक दूत बताया। उन्होंने विद्यार्थियों, युवा कलाकारों और कला प्रेमियों से ऐसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और कला को अपने विचारों, भावनाओं तथा देशभक्ति को व्यक्त करने का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मंच युवाओं को भारत की विरासत, मूल्यों और राष्ट्रीय भावना से जोड़ने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं की पहचान करने में भी मदद करते हैं।
चहल ने कहा कि युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करना ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप रचनात्मकता, नवाचार और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एनडीएमसी के कला एवं संस्कृति सलाहकार हर्ष वर्धन शर्मा ने बताया कि एनडीएमसी ने वर्ष 2023 में भी सबवे में कला प्रदर्शनियों का आयोजन किया था, लेकिन बाद में किसी कारण से यह गतिविधि बंद हो गई थी।
उन्होंने कहा कि अब कला एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से इस परंपरा को दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि कलाकारों को अवसर मिल सके और सार्वजनिक स्थानों को अधिक जीवंत तथा सांस्कृतिक रूप से आकर्षक बनाया जा सके।















