दुर्ग जिले के पाटन थाना
क्षेत्र में संयुक्त कृषि भूमि को फर्जी तरीके से विक्रय कराने के मामले में लंबे
समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पाटन पुलिस ने
घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा और न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को न्यायिक
रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मामला ग्राम कुम्हली स्थित संयुक्त नाम की कृषि भूमि के फर्जी विक्रय से
जुड़ा हुआ है। इस प्रकरण में आरोपियों पर षड्यंत्रपूर्वक भूमि के वास्तविक
हिस्सेदार की पहचान का गलत इस्तेमाल कर किसी अन्य व्यक्ति को वास्तविक मालिक के
रूप में प्रस्तुत कर जमीन बिक्री कराने का आरोप है। थाना पाटन में अपराध क्रमांक 42/2023
दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 420,
467, 468, 471, 120-बी और 34 भादवि के तहत
अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी
ईश्वर दास ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने सगे भाई संजय कुमार के स्थान पर किसी
अन्य व्यक्ति को संजय कुमार के रूप में पेश किया और ग्राम कुम्हली की संयुक्त कृषि
भूमि का विक्रय कराया। इस फर्जी प्रक्रिया में आरोपी दिलीप बंजारे को क्रेता बनाया
गया था, जबकि आरोपी
कन्हैया बंजारे को विक्रय पत्र में गवाह बनाया गया था। मामले में पुलिस ने पहले
आरोपी ईश्वर दास को 7 जून 2026 को
गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। वहीं, घटना के बाद से
आरोपी दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे लगातार फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों की
तलाश के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर
पाटन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 19 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस ने आम
नागरिकों से अपील की है कि जमीन या अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले संबंधित
दस्तावेजों, स्वामित्व और
सभी पक्षकारों की पहचान का पूरी तरह सत्यापन जरूर करें। किसी भी प्रकार की जालसाजी,
फर्जी दस्तावेज या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को
सूचना दें। पुलिस ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में
थाना प्रभारी पाटन निरीक्षक राजेश मिश्रा के नेतृत्व में थाना पाटन पुलिस टीम की
महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी, जानकारी
जुटाने और घेराबंदी कर फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।















