दुर्ग विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रही शिव महापुराण कथा में कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। उन्होंने व्यासपीठ पर पहुंचकर पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण किया। उन्होंने आरती में भी सहभागिता की और भगवान शिव से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
कथा के दौरान व्यासपीठ से पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में प्रार्थना के समय मंत्रोच्चारण की पहल की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना का भी विशेष महत्व है। स्कूलों में मंत्रोच्चारण जैसी पहल बच्चों को अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके मन में एकाग्रता, आत्मविश्वास और अच्छे विचारों का भाव विकसित करने में सहायक होगी। पंडित मिश्रा ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव एवं छत्तीसगढ़ शासन के इस प्रयास को बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि बचपन में मिले अच्छे संस्कार जीवनभर व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को मजबूत बनाते हैं।
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि जयंती स्टेडियम में पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से शिव महापुराण कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि पंडित से आत्मीय भेंट के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
उल्लेखनीय है कि 17 अगस्त से जयंती स्टेडियम में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा सुनने के लिए छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों और जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भिलाई पहुंच रहे हैं। आज कथा का चौथा दिन रहा। कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव में विश्वास और सच्ची श्रद्धा के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण मनुष्य के भीतर विश्वास और भरोसा पैदा करती है। उन्होंने ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ मंत्र के महत्व और महिमा पर भी प्रकाश डाला तथा श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति और नियमित जलाभिषेक के महत्व के बारे में बताया।















