केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सराहना की है, जिन्होंने नई सरकार के सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर ही राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को 1,129 एकड़ जमीन सौंप दी है। उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि का अनुरोध 2014 से लंबित था। श्री शाह कल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रानीडांगा क्षेत्र में स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सीमा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पर बाड़बंदी पूरी करना घुसपैठ रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध अप्रवासन के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि अवैध अप्रवासियों की पहचान करने, उन्हें देश से निकालने और निर्वासित करने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तनों को सख्ती से रोका जाएगा।
श्री शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' के नाम से भी जाना जाता है, के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पूर्वोत्तर और देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से जोड़ता है और इसकी सीमा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से लगती है। चोपड़ा, धुबरी और किशनगंज में सेना की चौकियों के त्रिकोणीय ग्रिड द्वारा इसकी सुरक्षा की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 189 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए आपराधिक कानूनों पर छह दिवसीय जागरूकता प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानून नागरिकों को अधिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय न्याय संहिता राज्य में पूरी तरह से लागू हो चुकी है और कहा कि एफआईआर दर्ज होने के तीन साल के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानून, जिनमें प्रौद्योगिकी और फोरेंसिक विज्ञान का व्यापक उपयोग किया गया है, का उद्देश्य त्वरित, समयबद्ध और पीड़ित-केंद्रित न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली में तीन 'टी' यानी प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के तीन दिनों के भीतर ही नए कानूनों को लागू कर दिया, जिससे विश्वास कायम करने का अपना वादा पूरा हुआ, न कि भय। उन्होंने उत्तर बंगाल के लोगों से प्रदर्शनी देखने की अपील की। गृह मंत्री ने राज्य में न्याय व्यवस्था, कानून प्रवर्तन और पुलिस से जुड़े लोगों से भी प्रदर्शनी देखने और नए कानूनों से परिचित होने का आग्रह किया।
इस अवसर पर, श्री शाह ने नवनिर्मित बिधाननगर पुलिस आयुक्त भवन और उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 20 बिस्तरों वाले नशा मुक्ति उपचार केंद्र का भी उद्घाटन किया।















