सरकार ने बताया है कि संशोधित ढांचे के तहत इस महीने की 20 तारीख तक कुल 29 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) दर्ज किए गए हैं, जिनमें 4,800 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित एफडीआई शामिल हैं। ये निवेश सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना एवं संचार, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर और परिवहन सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) संशोधन नियमों के तहत 1 मई को अधिसूचित संशोधित ढांचा, 10 प्रतिशत तक की भूमि सीमावर्ती देशों की गैर-नियंत्रणकारी स्वामित्व से जुड़े मामलों में पूर्व सरकारी अनुमोदन की आवश्यकता को हटाकर भारत में विदेशी निवेश के प्रवाह को सुगम और त्वरित बनाता है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि मॉरीशस, संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर, लक्ज़मबर्ग और केमैन द्वीप समूह सहित विभिन्न देशों के निवेशकों द्वारा 29 निवेशों की सूचना दी गई है। मंत्रालय ने आगे कहा कि इस सुधार से निवेशकों को अधिक निश्चितता मिलती है, लेन-देन का समय कम होता है और भारत में व्यापार करने में आसानी और अधिक मजबूत होती है।















