नेपाल में आई भीषण बाढ़ त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में यूपी-बिहार सीमावर्ती इलाकों के गांव अलर्ट पर हैं। हालांकि रात भर तक यहां बाढ़ का पानी घरों तक नहीं पहुंचा, जिससे सुबह ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
सड़कों पर जमा पानी से आवाजाही प्रभावित
हालांकि कुशीनगर और बिहार को जोड़ने वाले शिवपुर, बसंतपुर और मरचहवा गांवों के रास्तों पर भारी बारिश का पानी जमा होने से छोटी नदियां और नाले उफान पर आ गए। पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे ग्रामीणों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी भरी सड़कों पर चलना पड़ रहा है। छोटी गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है और लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन की चेतावनी और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
आसपास के इलाकों में स्थानीय प्रशासन ने लाउडस्पीकर से चेतावनी जारी कर लोगों से कहा है कि नेपाल से पानी छोड़े जाने की खबरों के बीच अपना सामान और मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर ले जाएं।
इसे लेकर बसंतपुर निवासी गुड्डू साहनी ने बताया, “बाढ़ का पानी अभी घरों में नहीं घुसा है, लेकिन नीचे बने रास्ते (कॉज़वे) के कारण आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है। हमें खबर मिली है कि नेपाल से पानी छोड़ा गया है। प्रशासन की ओर से सीधा संदेश अभी नहीं मिला और कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। अगर पानी का स्तर थोड़ा और बढ़ता है तो नावें चलने लगेंगी और हर चक्कर पर 20 से 50 रुपये देने पड़ेंगे।”
उसी गांव की दुर्गावती देवी ने कहा, “कुछ लोग कह रहे थे कि मवेशियों के साथ ऊंची जगह चले जाएं, लेकिन हमारा घर पानी भरे इलाके में है तो हम कहां जाएं? हमें यहीं रहना होगा। प्रशासन ने कल लाउडस्पीकर पर घोषणाएं की थीं, जो हमने सोहागीबरवा से सुनीं। अभी पानी का स्तर स्थिर है और नया बाढ़ का पानी इस तरफ नहीं पहुंचा है।”
मरचहवा की शोभावती ने बताया कि ग्रामीण रात भर जागते रहे और पानी के स्तर पर नजर रखते रहे। पानी का स्तर पहले जैसा ही है। बसही की तरफ से घोषणाएं हुईं। अच्छी सड़कें न होने से कुछ लोग बसही की तरफ भाग रहे हैं तो कुछ अन्य दिशाओं में।
NDRF की 20 टीमें हाई अलर्ट पर
नेपाल में अचानक बाढ़ और नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियल झील फटने (GLOF) की आशंका के बीच बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की तैयारी बढ़ा दी गई है। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) ने दोनों राज्यों में 20 टीमें तैनात की हैं—बिहार में नौ और उत्तर प्रदेश में 11 टीमें हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि बाढ़ की लहर गंडक नदी के जरिए नीचे की ओर बढ़ सकती है।
नेपाल-चीन सीमा के पास फुरके खोला के पास त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की सूचना मिली है। सेंट्रल वॉटर कमीशन ने भारत-नेपाल सीमा के पास बिहार और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को सतर्क रहने और गंडक नदी पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी है।
नेपाल में बाढ़ का ताजा अपडेट
बुधवार को नेपाल की भोटेकोशी नदी में आए फ्लैश फ्लड में कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई और करीब 400 लोग लापता हैं। इसमें विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। यह आपदा तब आई जब एक हिमस्खलन ने भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेन्डे के बहाव को रोक दिया।
चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके से बिना चेतावनी के पानी का तेज बहाव स्याफ्रुबेसी की तरफ बढ़ गया। इलाके में बारिश न होने के कारण स्थानीय लोगों को पहले कोई चेतावनी नहीं मिली थी। सीमावर्ती गांवों में प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।















