बलरामपुर, 07 सितंबर। बलरामपुर डीईओ वित्तीय अनियमितता मामले में क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का साेमवार काे बड़ा बयान सामने आया है। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर मंत्री ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जानकारी उच्चस्तर तक पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामानुजगंज दौरे पर पहुंचे मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर विभागीय कार्यों में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतों में डीएफ मद, सफाई सामग्री, अध्ययन सामग्री, साइकिल वितरण और फर्नीचर खरीदी सहित कई मदों में नियमों की अनदेखी और राशि के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं।
इन शिकायतों के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को लेकर अब विभाग और शासन स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही जा रही है।
जांच टीम की रिपोर्ट में मिली अनियमितताएं
मामले को लेकर बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद जांच रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया गया है।
कलेक्टर के अनुसार, अब इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से की जानी है। इससे प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पर लगे आरोपों को लेकर कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
मंत्री ने कहा दोषी पाए गए तो होगी सख्त कार्रवाई
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग या वित्तीय नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से क्या कार्रवाई होती है और कथित वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कब तक कार्रवाई की जाती है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। आरोप गंभीर होने के कारण यदि शासन स्तर पर कार्रवाई होती है तो शिक्षा विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल अंतिम कार्रवाई जांच और शासन के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।















