बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं इस दौरान आंखों से जुड़ी परेशानियों का खतरा भी बढ़ सकता है। नमी, गंदगी, दूषित पानी और बदलते मौसम के कारण आंखों में संक्रमण, लालिमा, खुजली, जलन और पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में आंखों की साफ-सफाई और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
बारिश के दौरान सड़कों और आसपास जमा होने वाला गंदा पानी आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर यह पानी आंखों के संपर्क में आता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कोशिश करें कि बारिश के पानी या गंदे पानी को सीधे आंखों में जाने से बचाएं। अगर गलती से गंदा पानी आंखों में चला जाए तो आंखों को साफ पानी से धोएं और आंखों को हाथों से रगड़ने से बचें।
इस मौसम में आंखों में खुजली या जलन होने पर बार-बार आंखों को छूना या रगड़ना भी समस्या को बढ़ा सकता है। हाथों पर मौजूद धूल और कीटाणु आंखों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए आंखों को छूने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। व्यक्तिगत तौलिया, रुमाल और अन्य इस्तेमाल की जाने वाली चीजें किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा करने से भी बचना चाहिए।
बारिश के मौसम में अगर आंखें लाल हों, लगातार पानी आए, सूजन हो, ज्यादा दर्द महसूस हो या नजर धुंधली होने लगे तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में आंखों के विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की आई ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि गलत दवा परेशानी को बढ़ा सकती है।
मोबाइल और कंप्यूटर का लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों को भी इस मौसम में आंखों को पर्याप्त आराम देना चाहिए। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन और जलन महसूस हो सकती है। बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाकर आंखों को आराम देना और पर्याप्त नींद लेना आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
कुल मिलाकर, बारिश के मौसम में आंखों की स्वच्छता और सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साफ हाथ रखना, आंखों को रगड़ने से बचना, दूषित पानी से आंखों की रक्षा करना और किसी भी असामान्य लक्षण को गंभीरता से लेना जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर बरसात के मौसम में आंखों को संक्रमण और दूसरी परेशानियों से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।















