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हूती का सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन से हमला


विदेश 20 September 2026
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हूती का सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन से हमला

रियाद, 20 सितंबर  ईरान समर्थक यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में कई संवेदनशील स्थानों पर हमले किए हैं। इनमें राजधानी रियाद और यानबू बंदरगाह शहर में स्थित अरामको की तेल सुविधा शामिल है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का कहना है कि उसने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोक दिया। साथ ही बिश, ताइफ़, फ़रासान और यानबू पर किए गए अन्य हमलों को विफल कर दिया।

अल जजीरा और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में यह जानकारी दी। सरी के अनुसार, सऊदी अरब के दो अहम ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। यह पहली बार है जब हूती ने महीनों बाद क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हूती ने कहा है कि वह सऊदी अरब की सबसे कीमती संपत्ति अरामको ऑयल फैसिलिटी को निशाना बनाएगा।

हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने शनिवार को कहा, "राजधानी सना को निशाना बनाने की सऊदी की कोशिश के जवाब में दो सफल सैन्य अभियान चलाए गए।" उन्होंने कहा, "पहला हमला सऊदी राजधानी रियाद में संवेदनशील ठिकानों पर और दूसरा यानबू में अरामको की सुविधाओं पर किया गया।"

यानबू पर हमला अहम है। यह लाल सागर के तट पर स्थित है, लेकिन यमन और सऊदी अरब की सीमा से लगभग 700 मील उत्तर में है। रियाद भी सीमा से 700 मील से ज्यादा दूर है। इससे साफ है कि हूती अब सऊदी अरब में काफी नजदीक से हमला कर रहे हैं।

अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद पर हमले के लिए हूती की कड़ी निंदा की गई है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं। मिस्र ने भी कहा कि हूती हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

बहरीन ने इन कृत्यों को आतंकवादी कार्रवाई करार दिया। जॉर्डन ने कहा कि यह हमले सऊदी अरब की सुरक्षा, स्थिरता और उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सऊदी अरब पर हमलों की निंदा की है।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में दक्षिणी सऊदी अरब पर हूती हमलों में दर्जनों लोग घायल हुए और ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए समझौते के बाद यमन में बड़े पैमाने पर लड़ाई रुक गई थी, लेकिन अब फिर से शुरू हुई यह लड़ाई तनाव में बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाती है।

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