शेयर बाजार में कुछ कंपनियां अपने
शानदार प्रदर्शन और निवेशकों को दिए गए रिटर्न की वजह से लगातार चर्चा में बनी
रहती हैं। ऐसी ही एक कंपनी का शेयर इन दिनों सुर्खियों में है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को
जबरदस्त रिटर्न दिया है। कंपनी ने एक ओर जहां अपने शेयरधारकों को कई बार बोनस शेयर
दिए, वहीं दूसरी ओर
शेयरों का विभाजन यानी स्टॉक स्प्लिट भी किया। इन कॉरपोरेट एक्शंस के साथ इस स्टॉक
ने पिछले पांच साल में 2000 प्रतिशत
से ज्यादा की तेजी दर्ज की है।निवेशकों के लिए बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट किसी
कंपनी की ओर से उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण कदम होते हैं। बोनस शेयर के जरिए कंपनी
अपने मौजूदा शेयरधारकों को अतिरिक्त शेयर देती है, जबकि स्टॉक स्प्लिट में एक बड़े मूल्य वाले शेयर को छोटे
हिस्सों में बांटा जाता है, जिससे
शेयर की कीमत कम हो जाती है और छोटे निवेशकों की भागीदारी आसान हो सकती है।
कंपनी ने तीन बार दिए बोनस शेयर इस कंपनी ने अपने निवेशकों को
लगातार तीन बार बोनस शेयर का फायदा दिया है। बोनस शेयर जारी करने का उद्देश्य
आमतौर पर शेयरधारकों को अतिरिक्त हिस्सेदारी देना और बाजार में शेयर की तरलता
बढ़ाना होता है।रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर मौजूद होते हैं, उन्हें बोनस शेयर मिलते हैं। उदाहरण के
तौर पर अगर कोई कंपनी 1:1 बोनस देती
है तो निवेशक को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर प्राप्त होता है। इससे
निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, हालांकि कंपनी के कुल मूल्यांकन में तुरंत बदलाव नहीं होता।
कारोबार में लगातार विस्तार कंपनी के बेहतर प्रदर्शन के पीछे
उसके कारोबार में विस्तार, मजबूत
वित्तीय स्थिति और बाजार में बढ़ती मांग जैसे कारण माने जा रहे हैं। कंपनी ने
समय-समय पर अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत करने और नए अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश की
है।निवेशक आमतौर पर उन कंपनियों पर नजर रखते हैं, जिनकी कमाई में लगातार सुधार हो रहा हो और जिनके पास भविष्य
के विकास की संभावनाएं हों। बोनस और स्प्लिट से निवेशकों को क्या फायदा? बोनस शेयर मिलने से निवेशकों के पास
शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। वहीं स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर का भाव कम हो जाता
है, जिससे छोटे
निवेशकों के लिए खरीदारी आसान हो सकती है।हालांकि, सिर्फ बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट किसी कंपनी को अच्छा निवेश
विकल्प नहीं बनाते। निवेशकों को कंपनी की आय, मुनाफा, कर्ज, कारोबार
की संभावनाओं और प्रबंधन की स्थिति को भी देखना चाहिए। शेयर बाजार में जोखिम भी
रहता है मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी ज्यादा रहती
है, लेकिन ऐसे शेयरों
में उतार-चढ़ाव भी अधिक हो सकता है। बाजार की स्थिति, आर्थिक बदलाव और कंपनी से जुड़ी खबरों
का असर शेयर की कीमत पर पड़ता है।किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले निवेशकों
को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार फैसला लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर वित्तीय
सलाहकार की राय लेनी चाहिए।फिलहाल यह शेयर अपने शानदार रिटर्न, बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट जैसे
कॉरपोरेट फैसलों के कारण निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पांच साल में 2000 प्रतिशत से
ज्यादा की तेजी ने इसे बाजार के चर्चित मल्टीबैगर स्टॉक्स में शामिल कर दिया है।
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निवेशकों के लिए कमाल का रहा ये शेयर बोनस और स्प्लिट से बढ़ी चमक















