ब्राजील ने भारत समेत एशियाई देशों के साथ व्यापार बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री मार्सियो एलियास रोजा ने कहा कि भारत उनके देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और एशियाई देशों के साथ व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रोजा ने G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर एक बातचीत में कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच ब्राजील अपने बाजारों में विविधता ला रहा है और नए आर्थिक संबंध मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी मौजूदा व्यापारिक साझेदार को हटाना नहीं, बल्कि नए बाजार जोड़ना है।
उन्होंने कहा, “ब्राजील किसी को बाहर करने की नीति नहीं अपना रहा है। ब्राजील सिर्फ नए साझेदार जोड़ रहा है।” उनके मुताबिक, इसी रणनीति के तहत एशियाई देशों के साथ ब्राजील का व्यापार मजबूत हुआ है और भारत भी उन देशों में शामिल है, जहां व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रोजा ने कहा कि पिछले करीब 18 महीनों में अमेरिका के साथ आर्थिक संबंधों में आई कमी की भरपाई अन्य बाजारों के साथ बढ़े व्यापार से हुई है। उन्होंने दावा किया कि ब्राजील इस साल अपने व्यापार संतुलन में अब तक का सबसे बड़ा अधिशेष दर्ज करने की दिशा में बढ़ रहा है।
भारत के साथ संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में रोजा ने कहा, “भारत ब्राजील का बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है।” उन्होंने कहा कि भारत पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था है और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं।
ब्राजील अपनी बाजार विविधीकरण रणनीति के तहत व्यापार समझौतों को भी मजबूत करने पर काम कर रहा है। रोजा ने कहा कि ब्राजील व्यापक व्यापारिक संबंध बनाने के साथ बहुपक्षवाद और सभी देशों के लिए समान व्यापार नियमों की वकालत जारी रखेगा।
भारत और ब्राजील द्विपक्षीय स्तर के साथ-साथ मर्कोसुर के माध्यम से भी आर्थिक संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों ने रक्षा, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कौशल विकास और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी चिन्हित की हैं।
भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देश BRICS, IBSA और G20 जैसे मंचों पर भी साथ काम करते हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में ऊर्जा, कृषि, दवा, वाहन और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। व्यापार और निवेश को और बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं।















