सूरजपुर, 16 अक्टूबर । मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय सूरजपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित मन जागृति अभियान के अंतर्गत हुए इस आयोजन में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक समस्याओं से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान अभियान में सहयोग देने वाली संस्थाओं को प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया।
कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अजय मार्कम, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित शर्मा ने अपने विचार रखे। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय रहते पहचानने, उपचार लेने और परामर्श सेवाओं का लाभ उठाने की जरूरत बताई। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया।
मन जागृति अभियान के तहत जिले के विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें 10वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला जेल सूरजपुर, बालक एवं बालिका छात्रावासों, वृद्धाश्रम, अरुणोदय कोचिंग संस्थान, संगवारी और मितानिन कार्यक्रम से जुड़े लोगों की सहभागिता रही।
इन कार्यक्रमों में तनाव को नियंत्रित करने, परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता से निपटने, भावनाओं को संतुलित रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि मानसिक परेशानी होने पर उसे छिपाने के बजाय समय पर उचित परामर्श और उपचार लेना जरूरी है।
सम्मान समारोह के दौरान सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने जागरूकता सत्रों से मिले अनुभव साझा किए। 10वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला जेल सूरजपुर और अरुणोदय कोचिंग संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि इन गतिविधियों से लोगों को तनाव के कारणों को समझने, अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से संभालने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के प्रति जागरूक होने में मदद मिली है।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे मरीजों और उनके परिजनों ने भी अपने अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि नियमित परामर्श, उचित उपचार, स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग और परिवार के सकारात्मक व्यवहार से समस्याओं को समझने तथा दैनिक जीवन में सुधार लाने में मदद मिली। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मानपूर्ण व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
सहयोगी संस्थाओं को प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में मन जागृति अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियों में योगदान देने वाली संस्थाओं और उनके प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। साथ ही प्रस्तुति के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी गई।
उपस्थित प्रतिनिधियों से अपने संस्थानों और समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद लोगों को उचित उपचार एवं परामर्श सेवाओं तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की गई।
Breaking News
- मन जागृति अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम, सहयोगी संस्थाएं सम्मानित
- लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों की मरम्मत और बीटी पैच कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
- सुकमा : सेवा की कहानी : एक फोन कॉल और दूर हुआ अंधेरा
- दुर्ग न्यायालय में तकनीक से सिमट रही दूरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जमानत आवेदन का निराकरण, मुंबई और चेन्नई के गवाहों के बयान दर्ज
- सेवा सेतु शिविर से आसान हुए नागरिकों के काम, मौके पर ही मिले जरूरी राजस्व दस्तावेज
- केबीसी 18: 'रामायण' की स्टारकास्ट संग दिखेंगे अमिताभ बच्चन
- जेलर 2' की पहले दिन की कमाई आई सामने
- पीएम मोदी के सामने अर्शदीप सिंह ने वैभव सूर्यवंशी से की मस्ती, 15 साल के बैटर का रिएक्शन वायरल
- भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में
- 70वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभंकर लांच
मन जागृति अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम, सहयोगी संस्थाएं सम्मानित












