ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि वह चीन के शिनजियांग इलाके में ज़बरदस्ती मज़दूरी करवाने से जुड़ी तीन चीनी बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों के इंपोर्ट पर रोक लगा रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी ने आज कहा कि इन कंपनियों ने शिनजियांग से सामान लिया या उइगर समेत सताए गए जातीय अल्पसंख्यकों को ज़बरदस्ती मज़दूरी दिलाने और ट्रांसफर करने के लिए इलाके के अधिकारियों के साथ काम किया। यह कदम बायोटेक्नोलॉजी में बढ़ते US-चीन कॉम्पिटिशन के बीच आया है और यह चीनी बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपरकंप्यूटिंग में इन्वेस्टमेंट पर US की प्रस्तावित पाबंदियों के बाद आया है।अमेरिकी प्रशासन के इस कदम से अमेरिका और चीन के बीच पहले से जारी व्यापारिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित कंपनियों पर शिनजियांग क्षेत्र से सामान हासिल करने या वहां के अधिकारियों के साथ मिलकर उइगर समेत अन्य उत्पीड़ित जातीय अल्पसंख्यकों से जबरन मजदूरी कराने और उनका एक स्थान से दूसरे स्थान पर हस्तांतरण करने में सहयोग देने के आरोप हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जबरन मजदूरी से जुड़े उत्पादों को अमेरिकी बाजार में आने से रोकना और मानवाधिकारों की रक्षा करना है। शिनजियांग चीन का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां उइगर मुस्लिम समुदाय और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा जबरन मजदूरी को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है। अमेरिका पहले भी इस क्षेत्र में जबरन मजदूरी से जुड़े सामानों के आयात पर सख्त कदम उठा चुका है। अब बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों को निशाना बनाए जाने से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका और चीन के बीच बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपरकंप्यूटिंग जैसे उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। अमेरिकी प्रशासन इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चीन की तकनीकी प्रगति और उससे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों को लेकर अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहा है। इससे पहले भी अमेरिका में चीनी तकनीकी कंपनियों और रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश को लेकर विभिन्न प्रतिबंधों और नियंत्रण उपायों पर चर्चा होती रही है। ऐसे में तीन चीनी बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों के आयात पर रोक लगाने का फैसला केवल मानवाधिकारों से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि दोनों देशों के व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस कार्रवाई का बायोटेक्नोलॉजी उद्योग, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला और अमेरिकी बाजार पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। कुल मिलाकर, अमेरिका का यह कदम चीन पर मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर दबाव बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच तकनीकी और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को भी नई दिशा दे सकता है
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US ने कथित ज़बरदस्ती मज़दूरी से जुड़े होने की वजह से तीन चीनी बायोटेक कंपनियों से इंपोर्ट पर रोक लगाई















