नई दिल्ली, 21 मई । पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर आज यहां वीर भूमि में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वीर भूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन।
वीर भूमि पर आयोजित कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने राजीव गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और कुछ देर मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। खरगे ने राजीव गांधी को 21वीं सदी के आधुनिक भारत की नींव रखने वाला दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने युवा भारत की शक्ति पर भरोसा करते हुए मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की। पंचायतों को अधिकार देकर लोकतंत्र को गांव-गांव तक मजबूत किया तथा दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और कम्प्यूटरीकरण के माध्यम से भारत को नए युग की दिशा दी।
राहुल गांधी ने एक्स पर अपने पिता के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राजीव गांधी ने अपने छोटे से कार्यकाल में भारत के परिवर्तन की मजबूत नींव रखी। महिलाओं, युवाओं, गरीबों और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने वाली उनकी नीतियों का प्रभाव आज भी दिखाई देता है। वेणुगोपाल ने कहा कि भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए राजीव गांधी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े सपने देखे और युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार देकर लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की। गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी का मानना था कि युवा पीढ़ी ही भारत का भविष्य है।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने एक्स पर लिखा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने पंचायती राज सुधारों को लागू कर लोकतंत्र को मजबूत किया और देश को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की स्मृतियां और विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी का 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती विस्फोट में निधन हो गया था। वह वर्ष 1984 से 1989 तक प्रधानमंत्री रहे। उन्हें भारत में सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति की नींव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। उनके कार्यकाल में कम्प्यूटरीकरण, दूरसंचार विस्तार और प्रशासनिक आधुनिकीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
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खरगे, सोनिया, राहुल व अन्य ने वीर भूमि पहुंचकर दी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि
















