Breaking News

बलूचिस्तान में में घरों को ध्वस्त किए जाने के आरोपों पर बढ़ा विवाद, मानवाधिकार संगठन ने उठाए सवाल


विदेश 22 May 2026
post

बलूचिस्तान में में घरों को ध्वस्त किए जाने के आरोपों पर बढ़ा विवाद, मानवाधिकार संगठन ने उठाए सवाल


क्वेटा, 21 मई । बलूचिस्तान के अवारान जिले में कथित सैन्य कार्रवाई के दौरान नागरिकों के घरों को ध्वस्त किए जाने के आरोपों ने क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। एक बलूच मानवाधिकार संगठन ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे आम नागरिकों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई का हिस्सा बताया है।

मानवाधिकार विभाग से जुड़े संगठन ने आरोप लगाया कि 13 मई को अवारान जिले के पीर मशकई और कल्लार क्षेत्र में अभियान के दौरान दो स्थानीय निवासियों के घरों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं क्षेत्र में पहले भी सामने आती रही हैं, जहां परिवारों को कथित तौर पर दबाव, संपत्ति को नुकसान और अन्य कठोर कदमों का सामना करना पड़ा है।

संगठन ने दावा किया कि संबंधित परिवार पहले भी विवादों और सुरक्षा मामलों से जुड़े घटनाक्रमों का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान की ओर से भी इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हाल के दिनों में दो लोगों के कथित रूप से लापता होने की घटनाओं ने स्थानीय समुदाय में चिंता बढ़ाई है। इनमें एक छात्र और एक प्रवासी चालक का नाम शामिल किया गया है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों को स्पष्ट जानकारी मिल सके।

इसी बीच केच जिले में गोलीबारी की एक अलग घटना में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत की भी खबर सामने आई है। स्थानीय सूत्रों ने दावा किया कि घटना सुरक्षा अभियान के दौरान हुई, हालांकि इसकी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और संयुक्त राष्ट्र से मामले पर ध्यान देने की अपील की है। वहीं, क्षेत्र की स्थिति को लेकर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग भी लगातार उठ रही है।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.