Breaking News

भारत-साइप्रस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य : मोदी


देश 22 May 2026
post

भारत-साइप्रस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य : मोदी

नई दिल्ली, 22 मई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और साइप्रस के बीच बढ़ते भरोसे तथा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से नई संभावनाएं उभरी हैं और दोनों देश अगले पांच वर्षों में साइप्रस से भारत में होने वाले निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे।

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत और साइप्रस ने अपने विश्वसनीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति और नया आयाम मिलेगा।मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस की मित्रता मजबूत होने के साथ-साथ भविष्य उन्मुख भी है। लोकतंत्र, कानून के शासन और सभी देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान जैसे साझा मूल्य दोनों देशों की साझेदारी की नींव हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है, जो दोनों देशों के बीच बढ़े विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से नई आर्थिक संभावनाएं बनी हैं और इन्हीं अवसरों का लाभ उठाते हुए दोनों देश अगले पांच वर्षों में निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे।मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के संबंध समय की कसौटी पर बार-बार खरे उतरे हैं और रणनीतिक साझेदारी बनने से इन संबंधों को नया एम्बिशन और नई स्पीड मिलेगी।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए माइग्रेशन एवं मोबिलिटी समझौते तथा सामाजिक सुरक्षा समझौते पर सहमति बनाई है। इसके अलावा उच्च शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी समझौते किए जा रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोप के संबंध एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे समय में साइप्रस यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभालने के साथ-साथ भारत और पूरे यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण निवेश प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है।

वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत संघर्षों की शीघ्र समाप्ति और शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में त्वरित और महत्वपूर्ण सुधार भी आवश्यक हैं।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.