चेन्नई, 02 जून। चेन्नई बंदरगाह क्षेत्र में मंगलवार को हुए गैस रिसाव के कारण आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गैस के प्रभाव से वातावरण में धुंध और धुएं जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी, आंखों में जलन, मतली और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की आग नहीं लगी और प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चेन्नई बंदरगाह परिसर में रखे एक कंटेनर से सल्फर गैस का रिसाव हुआ। कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि अत्यधिक गर्मी के कारण बंदरगाह में संग्रहित सल्फर पदार्थ में रासायनिक प्रतिक्रिया हुई, जिसके चलते गैस वातावरण में फैल गई। गैस तेजी से हवा के साथ आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गई, जिससे लोगों में चिंता और घबराहट का माहौल बन गया।
दोपहर करीब 12:15 बजे तमिलनाडु सचिवालय के आसपास अचानक धुंध और धुएं जैसी स्थिति दिखाई देने लगी। सचिवालय आने-जाने वाले नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों और सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। कई लोगों ने आंखों में जलन और लगातार खांसी की शिकायत की।
गैस रिसाव का असर केवल बंदरगाह क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। इसका प्रभाव सचिवालय परिसर, भारतीय रिजर्व बैंक के चेन्नई कार्यालय और मद्रास उच्च न्यायालय के आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किया गया। इन इलाकों में मौजूद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी असुविधाओं का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही चेन्नई बंदरगाह प्रशासन, दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बंदरगाह कर्मियों ने रिसाव के स्रोत की पहचान कर उसे नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की, जबकि दमकल विभाग ने सुरक्षा उपायों के साथ गैस के फैलाव को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया।
बंदरगाह प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी के कारण रासायनिक परिवर्तन होने की संभावना सामने आई है। हालांकि गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।
इस बीच तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि गैस हवा में मिलकर काफी हद तक फैल चुकी है और बड़े स्तर पर किसी गंभीर नुकसान की आशंका नहीं है। बोर्ड ने नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
करीब एक घंटे तक चले राहत एवं नियंत्रण अभियान के बाद दमकल विभाग ने गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने लगी और यातायात तथा अन्य गतिविधियां धीरे-धीरे बहाल कर दी गईं।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और गैस रिसाव के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी सुनिश्चित कर रही हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
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चेन्नई बंदरगाह में गैस रिसाव से अफरा-तफरी, सचिवालय और हाई कोर्ट क्षेत्र तक पहुंचा असर













