लाल सागर (रेड सी) में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अरब एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन बनाने की तैयारी कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से जहाजों पर किए जा रहे हमलों से समुद्री यातायात की सुरक्षा करना है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब तक 14 देशों ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया है। इनमें तुर्किये, पाकिस्तान, मिस्र, सूडान और जिबूती सहित कई देश शामिल हैं। सऊदी अरब ने इस गठबंधन में शामिल होने के लिए करीब 50 देशों को आमंत्रित किया है।
सऊदी अधिकारियों का कहना है कि लाल सागर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।
हाल के महीनों में हूती विद्रोहियों की ओर से लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। सऊदी अरब की इस पहल को समुद्री सुरक्षा मजबूत करने और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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हूती हमलों से निपटने के लिए सऊदी बना रहा 'समुद्री गठबंधन', 14 देशों का मिला समर्थन
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