सरकार ने सोशल मीडिया पर ईंधन में मिलावट या संदूषण के दावों का खंडन किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) नियमित रूप से ईंधन की गुणवत्ता की निगरानी करती हैं। मंत्रालय ने कहा कि पहले से लागू उन्नत और विस्तृत परीक्षण प्रोटोकॉल के अतिरिक्त, अतिरिक्त जांच शुरू की गई हैं, जिनमें 87,000 से अधिक आउटलेट्स में दिन में लगभग 8-12 बार जल रिसाव परीक्षण शामिल है।
मंत्रालय ने बताया कि क्लोराइड और सल्फाइड की जांच के लिए दो हजार से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया है, जिनमें से अब तक पूरे देश में केवल 2 मामलों में क्लोराइड संदूषण पाया गया है और उन पंपों से बिक्री तुरंत रोक दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी खुदरा दुकान में संदूषण या मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को पूरी ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी संभावित संदूषण का पता लगाने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।















