भारत और दक्षिण अफ्रीका ने महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), दवा (फार्मास्यूटिकल्स) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह चर्चा जयपुर में आयोजित ‘ब्रिक्स 2026 व्यापार मंत्रियों की बैठक’ के दौरान हुई।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दक्षिण अफ्रीका के व्यापार, उद्योग एवं प्रतिस्पर्धा मंत्री पार्क्स टाउ से मुलाकात की। बैठक में भारत-दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU) वरीयता व्यापार समझौते (PTA) को आगे बढ़ाने और वार्ता जल्द पूरी करने पर जोर दिया गया।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि दोनों देशों ने भारत-SACU वरीयता व्यापार समझौते के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToRs) पर हस्ताक्षर तथा वार्ता को शीघ्र पूरा करने के मुद्दे पर चर्चा की। साथ ही महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्यूटिकल्स और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका ने द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत बनाने तथा वार्ताओं को जल्द अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।
यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब भारत स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, उन्नत विनिर्माण और रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
भारत ने ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के तहत जयपुर में इस बैठक की मेजबानी की। बैठक में ब्रिक्स देशों ने व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने, मजबूत वैल्यू चेन विकसित करने और सतत औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की।
इंडिया अफ्रीका एंटरप्रेन्योरशिप फोरम (IAEF) के अनुसार, भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार वर्ष 2001 के 7 अरब डॉलर से बढ़कर 2023 में 98 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। वहीं अफ्रीका में भारत का कुल निवेश 75 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है, जो मुख्य रूप से दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स, बुनियादी ढांचा और कृषि क्षेत्रों में केंद्रित है।
आईएईएफ के मुताबिक, भारत और अफ्रीका की संयुक्त अर्थव्यवस्था लगभग 7 ट्रिलियन डॉलर की क्षमता रखती है। स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक, जलवायु प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।















