देश के
किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से मिलने वाले कृषि ऋण पर
दी जाने वाली ब्याज सब्सिडी में कटौती पर विचार कर रही है। अगर यह फैसला लागू होता
है तो किसानों को सस्ते कर्ज की सुविधा पर थोड़ा अधिक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
सरकार और बैंकों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है।भौगोलिक संदर्भ किसान
क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए कम ब्याज दर
पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में सरकार बैंकों को ब्याज सब्सिडी
देती है, जिससे किसानों को कम दर पर कर्ज मिल पाता है। समय
पर ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज लाभ भी मिलता है।
50 बेसिस प्वाइंट तक कटौती पर
विचार रिपोर्ट के अनुसार सरकार KCC लोन पर मिलने वाली ब्याज
सब्सिडी में करीब 50 बेसिस प्वाइंट यानी 0.50 प्रतिशत तक कटौती पर विचार कर रही है। सरकार का तर्क है कि हाल के समय में
नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव हुआ है, इसलिए सब्सिडी व्यवस्था
को नए हालात के अनुसार समायोजित करने की जरूरत है। हालांकि अभी यह केवल
विचार-विमर्श के स्तर पर है और अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यदि सब्सिडी कम होती
है तो इसका असर किसानों की ऋण लागत पर पड़ सकता है।
किसानों
की नजर सरकार के फैसले पर कृषि संगठनों और किसानों की नजर अब सरकार के अंतिम
निर्णय पर है। किसान संगठनों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे समय में ब्याज सब्सिडी कम
करने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं सरकार का मानना है कि
ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव के अनुसार योजनाओं में समय-समय पर
सुधार जरूरी होता है। फिलहाल किसानों को अंतिम निर्णय का इंतजार है। यदि ब्याज
सब्सिडी में कटौती लागू होती है तो आने वाले समय में KCC लोन
लेने वाले किसानों के खर्च में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।















