रायपुर, 06 अक्टूबर लोक निर्माण विभाग ने राजनांदगांव-खैरागढ़ मुख्य मार्ग के नवीनीकरण एवं उन्नयन कार्य तथा राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजनाओं में कथित गुणवत्ताहीन निर्माण और भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई है।
समिति निर्माण कार्यों के विभिन्न पहलुओं और शिकायत की जांच कर तीन दिनों में प्रमुख अभियंता को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति में मुख्य अभियंता व्ही.एस. कोरम, अधीक्षण अभियंता राजीव नशीने तथा कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना और सी.एस. ओगरे शामिल हैं। इस आशय की जानकारी विभाग द्वारा बीती देर रात दी है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा गठित जांच समिति राजनांदगांव-खैरागढ़ सड़क एवं राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजनाओं की किसी स्वतंत्र संस्था से उच्च स्तरीय जाँच कराने, जीएसबी , डब्लूएमएम सब-ग्रेड, डामरीकरण, बिटुमिन की मात्रा, सड़क की मोटाई, घनत्व, ग्रेडेशन, लेवल एवं अंडुलेशन सहित सभी तकनीकी मानकों की प्रयोगशाला से जांच जैसी बिंदुओं पर जांच करेगी।
समिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं कार्यपालन एजेंसी की भूमिका, जांच पूर्ण होने तक संबंधित कार्यों के भुगतान पर रोक लगाने पर विचार करने, गुणवत्ता से समझौता, वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार सिद्ध होने पर संबधितों के विरूद्ध तथा डोंगरगांव-कुमरदा सहित जिन स्थानों पर सड़क उखाड़कर छोड़ी गई है, वहां तत्काल सुरक्षित आवागमन हेतु मरम्मत, चेतावनी संकेत एवं वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराने के संबंध में अपनी रिपोर्ट देगी।
Breaking News
- व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व
- रायपुर : 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का रंगारंग समापन
- रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी: किराए के दो कमरों से सुविधायुक्त भवन तक, भाटापारा आंगनबाड़ी केंद्र को मिला अपना घर
- रायपुर : सरकार आपके द्वार: कोटमीकला, अंधियारखोह और गुदुमदेवरी में सेवा सेतु शिविर आयोजित
- 7 अक्टूबर को निकलेगी सेवा ज्योति यात्रा, जवाहर नगर मंडल ने बनाई रणनीति
- सरयूपारीण ब्राह्मण समाज ने 80 प्रतिभाशाली बच्चों को किया सम्मानित
- छत्तीसगढ़ बाल कल्याण परिषद को ई-रिक्शा प्रदत्त
- ब्लेज़र OJ 287 के एक दशक लंबे अध्ययन से विशाल बाइनरी ब्लैक होल प्रणाली के बारे में नए सुराग मिले हैं।
- कैबिनेट ने लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कोष के लिए 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी
- वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भारत की इस्पात खपत में 7.5% की वृद्धि हुई; कच्चे इस्पात उत्पादन में 2.9% की वृद्धि हुई।
गुणवत्ताहीन निर्माण और भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच के लिए समिति गठित












