Breaking News

गंभीर ने बेहतर पिचों की वकालत की, हालांकि गेंदबाजों को खुद रास्ता निकालने की दी नसीहत


खेल 10 October 2026
post

गंभीर ने बेहतर पिचों की वकालत की, हालांकि गेंदबाजों को खुद रास्ता निकालने की दी नसीहत

रांची, 10 अक्टूबर   वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 249 रन का लक्ष्य बचाने में नाकाम रहने के बाद भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक बार फिर बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन की वकालत की।

उन्होंने सपाट पिच और भारी ओस के कारण गेंदबाजों के सामने आई चुनौतियों को स्वीकार किया, लेकिन साफ किया कि भारत को ऐसी परिस्थितियों में भी विपक्षी टीम को रोकने का तरीका तलाशना होगा।

वेस्टइंडीज ने शाई होप की शानदार बल्लेबाजी के दम पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया। मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में गंभीर ने कहा कि वह भी बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला देखना चाहते हैं।

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्या आप नहीं चाहते कि बल्ले और गेंद के बीच अच्छी प्रतिस्पर्धा हो? हम भी वही चाहते हैं जो आप चाहते हैं। अगर आप सिर्फ छक्के और चौके देखना चाहते हैं, तो हम भी वही चाहते हैं। अगर आप बराबरी का मुकाबला चाहते हैं, तो हम भी वही चाहते हैं।”

उन्होंने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा, “ये हमारे गेंदबाज हैं। उनका करियर भी दांव पर है। उन्होंने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है। ऐसा नहीं है कि उन्होंने मेहनत नहीं की। अगर बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला होगा, तो यह अच्छा होगा और हमें बेहतर क्रिकेट देखने को मिलेगा।”

हार से सबक लेकर सुधार करना जरूरी

हालांकि, गंभीर ने हार के लिए केवल पिच और ओस को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया। उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत को ऐसी परिस्थितियों में भी बड़े स्कोर का बचाव करना सीखना होगा।

गंभीर ने कहा, “आप किसी भी हार को नजरअंदाज नहीं कर सकते। अगर आप लगातार बेहतर होना चाहते हैं, तो किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहिए। हम विश्व चैंपियन टीम हैं और इसलिए लगातार सुधार करना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “इन परिस्थितियों में गेंदबाजी करना मुश्किल होता है। हम जानते हैं कि सपाट पिच और ओस के कारण गेंदबाजों के लिए चुनौती बढ़ जाती है। लेकिन हमें विपक्षी टीम को रोकने का तरीका निकालना होगा, खासकर तब जब उसने पहले ओवर में दो विकेट गंवा दिए हों और शुरुआती छह ओवर में तीन विकेट खो दिए हों।”

कैच छूटने पर गंभीर ने नहीं ठहराया किसी को जिम्मेदार

मैच का अहम मोड़ वेस्टइंडीज की पारी के 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर आया, जब मयंक यादव ने शॉर्ट फाइन लेग पर शेरफेन रदरफोर्ड का आसान कैच छोड़ दिया। उस समय रदरफोर्ड 38 रन पर खेल रहे थे। जीवनदान का फायदा उठाते हुए उन्होंने 37 गेंदों में 84 रन की विस्फोटक पारी खेली।

इस साल टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पूर्ण सदस्य टीमों के बीच भारत की कैच पकड़ने की सफलता दर 74.3 प्रतिशत रही थी, जो दूसरी सबसे खराब थी। हालांकि, गंभीर ने हार का ठीकरा कैच छूटने पर भी नहीं फोड़ा।

उन्होंने कहा, “यह क्रिकेट है। खिलाड़ियों से कैच छूटते हैं। पहले भी छूटे हैं और भविष्य में भी छूटेंगे। मुझे लगता है कि कोई जानबूझकर ऐसा नहीं करता। इसलिए ऐसी बातों के लिए किसी को दोष नहीं देना चाहिए।”

मयंक की तेज गेंदबाजी से प्रभावित गंभीर

कैच छोड़ने के बावजूद मयंक यादव ने तीन विकेट लेकर भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। उन्होंने लगातार लगभग 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की और रोवमैन पॉवेल को 149.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद पर बोल्ड किया।

लखनऊ में पहले टी20 मुकाबले के दौरान मयंक ने बीच-बीच में धीमी गेंदों का भी इस्तेमाल किया था। गंभीर ने इस बार उनकी तेज गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ताकत पर भरोसा रखना चाहिए।

गंभीर ने कहा, “वह तेज गेंदबाज हैं और उन्हें तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह धीमे गेंदबाज नहीं हैं। अगर आप 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो 150 की रफ्तार से गेंद डालिए। अगर आप 120 की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो 120 कीजिए। तेज गेंदबाज के तौर पर आपका कर्तव्य तेज गेंदबाजी करना है। आज उन्होंने यही किया और इसी वजह से उन्हें सफलता मिली।”

रांची में मिली हार के बाद भारतीय टीम के पास ज्यादा समय नहीं है। तीसरा टी20 मुकाबला रविवार को इंदौर में खेला जाएगा। इंदौर का मैदान भी आमतौर पर बड़े स्कोर के लिए जाना जाता है, ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के सामने एक बार फिर कड़ी चुनौती होगी।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.