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बिम्सटेक देश आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है।


देश 14 October 2026
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बिम्सटेक देश आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है।

नई दिल्ली में बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक दिल्ली घोषणापत्र को अपनाने के साथ संपन्न हुई। इस घोषणापत्र में बिम्सटेक देशों ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की है, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है। घोषणापत्र में बिम्सटेक देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक उग्रवाद को व्यापक और सतत रूप से रोकने, मुकाबला करने और समाप्त करने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने एक जुड़े हुए, सुरक्षित, लचीले, विकसित और समृद्ध बिम्सटेक क्षेत्र को साकार करने के लिए बिम्सटेक के तहत क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने सदस्य देशों में आतंकवादी हमलों के पीड़ितों और उनके परिवारों तथा प्रभावित राज्यों की सरकारों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। देशों ने आह्वान किया कि दोषियों को लागू घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाए। दिल्ली घोषणापत्र में मानव तस्करी, मादक पदार्थों और उनके अग्रदूत रसायनों तथा धन शोधन विरोधी उपायों के क्षेत्रों में अंतिम रूप दिए गए कार्य योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा कट्टरता और आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग के लिए गठित उप-समूह द्वारा कार्य योजना को अंतिम रूप देने का आह्वान किया गया। इसमें आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता पर बिम्सटेक कन्वेंशन के प्रभावी कार्यान्वयन का भी आह्वान किया गया, जिस पर मार्च 2022 में कोलंबो में आयोजित 5वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षर किए गए थे। बिम्सटेक देशों ने इस सिद्धांत की भी पुष्टि की कि सुरक्षा क्षेत्र में बिम्सटेक के भीतर सहयोग संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप, गैर-आक्रामकता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों के प्रति सम्मान पर आधारित है

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